#विविध

September 29, 2025

हिमाचल: इस महिला RTO का अलग है अंदाज, छुट्टी के दिन 100 KM दूर वाहन चालकों पर कसा शिकंजा

महिला आरटीओ सोना चंदेल ने नियम तोड़ने वालों पर कसा शिकंजा

शेयर करें:

Sirmaur Woman RTO

नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की आरटीओ सोना चंदेल अपने कड़े अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने के अंदाज के लिए जानी जाती हैं। जहां अधिकतर अधिकारी छुट्टियों में आराम करना पसंद करते हैं, वहीं सोना चंदेल रविवार के दिन भी सड़क पर उतरकर यातायात नियमों की पालना करवाने का बीड़ा उठाती हैं। कई बार तो सोना चंदेल आधी रात को सड़कों पर पहुंच जाती है। उनके इसी जज्बे और सख्त कार्रवाई की वजह से परिवहन विभाग में वे एक अलग पहचान बना चुकी हैं।

छुट्टी के दिन 100 किलोमीटर दूर पहुंच जांचे वाहन

रविवार को उन्होंने जिला मुख्यालय नाहन से लगभग 100 किलोमीटर दूर दुर्गम राजगढ़ क्षेत्र का रुख किया और अपनी टीम के साथ वाहनों का औचक निरीक्षण करने पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने करीब 150 वाहनों को चेक किया गया, जिनमें ट्रक, बसें और पिकअप शामिल थीं। नियमों का उल्लंघन करने पर 38 चालकों के चालान किए गए और उनसे 1 लाख 17 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अधिकांश वाहन बिना फिटनेस और परमिट के पाए गए।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: 19 वर्षीय युवक दोस्तों के साथ खड्ड में गया था नहाने, नहीं आता था तैरने; डूब गया

आरटीओ की चेतावनी

कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कई निजी बस कंडक्टर यात्रियों को टिकट नहीं दे रहे थे। इस पर आरटीओ ने मौके पर ही उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की कि नियमों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यात्रियों को टिकट जारी करना अनिवार्य है और यदि आगे भी लापरवाही पाई गई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें : विक्रमादित्य के लिए लक्की साबित हुई अमरीन: शादी होते ही मिली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि, लंदन में होंगे सम्मानित

सख्त कार्रवाई के लिए जानी जाती है महिला आरटीओ

सोना चंदेल के साथ इस अभियान में संदीप, देवेंद्र, राजेश और थानेश भी शामिल रहे, जिन्होंने घंटों तक इलाके में जांच अभियान चलाया। इससे पहले भी आरटीओ कई बार ओवरलोड डंपरों और फर्जी नंबर प्लेट लगाने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर चुकी हैं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस की बड़ी सफलता: करोड़ों का चिट्टा पकड़ा, अब तक की सबसे बड़ी खेप

 

महिला अधिकारी के इस साहसिक कदम ने यह साबित कर दिया है कि सख्त अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा लिंग पर निर्भर नहीं करते। छुट्टी के दिन भी 100 किलोमीटर दूर जाकर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी ईमानदारी और कार्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। सिरमौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में उनकी पहचान एक दृढ़ और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में हो रही है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख