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July 22, 2025

हिमाचल आपदा के जख्म - 782 रूट पर बस सेवा ठप, 1200 करोड़ का नुकसान; मंडी सबसे ज़्यादा प्रभावित

राजस्व मंत्री बोले: अब तक 1200 करोड़ से अधिक का नुकसान, राहत कार्य जारी

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himachal rains

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की मार दिन-ब-दिन और भयावह होती जा रही है। रविवार रात से जारी मूसलधार बारिश ने प्रदेश में आवाजाही, बिजली, पानी और जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 3 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 468 सड़कें पूरी तरह बंद हैं। इनमें मंडी में 310, सिरमौर में 52, चंबा में 39, और कुल्लू में 33 सड़कें अवरुद्ध हैं।

मंडी आपदा का केंद्र बना

प्रदेश में सबसे अधिक तबाही मंडी जिले में दर्ज की गई है। यहां 2 राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, 310 सड़कें ठप, और 390 ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बुरी तरह बाधित है। सोलन में 259, चंबा में 214, सिरमौर में 169 और कुल्लू में 111 ट्रांसफॉर्मर ठप होने की रिपोर्ट है।

 

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जलापूर्ति भी प्रभावित

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने जानकारी दी कि प्रदेश में 676 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। अकेले कांगड़ा जिले में 151 जल योजनाएं प्रभावित हैं। इससे हजारों लोगों को पीने के पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

 

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HRTC को झटका: 782 रूटों पर बसें ठप

बारिश और भूस्खलन से सबसे बड़ा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। सोमवार को प्रदेश में 782 रूटों पर बस सेवा पूरी तरह बंद रही। शिमला डिवीजन के 393 रूट सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए। बंद रास्तों और सुरक्षा कारणों के चलते 279 रूटों पर HRTC की बसें चलाई ही नहीं गईं। HRTC के मुताबिक, आम दिनों में उनकी रोज़ाना की कमाई 2.80 से 2.90 करोड़ रुपए होती है, जो बारिश के कारण घटकर मात्र 1.50 करोड़ रुपए रह गई है।

 

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132 मौतें, 1235 करोड़ की संपत्ति का नुकसान

  • 132 लोगों की मौत
  • 34 लोग लापता
  • 393 मकान, 276 दुकानें और 1,007 पशुशालाएं तबाह
  • 1235 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान
  • मंडी और कांगड़ा सबसे ज़्यादा प्रभावित जिलों में हैं, जहां 21-21 लोगों की मौत हो चुकी है।

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