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April 26, 2025
नाराज हुए टीचर, स्कूल छोड़ शिमला पहुंचे - शिक्षा निदेशालय का करेंगे घेराव- जानें क्या है मसला
शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन को लेकर प्राइमरी टीचर फेडरेशन का विरोध
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के प्राइमरी टीचरों ने आज शिमला में शिक्षा निदेशालय का घेराव करने का फैसला लिया है। प्राइमरी टीचर फेडरेशन (PTF) ने शिक्षा विभाग को पहले ही नोटिस दे दिया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना शिक्षाविदों से परामर्श किए शिक्षा निदेशालय का पुनर्गठन किया है। इससे प्रदेश के हजारों टीचर्स में नाराजगी है।
PTF का हड़ताल पर जाने का ऐलान
PTF ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वे आज से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने PTF के दो प्रमुख नेताओं को नोटिस जारी कर हड़ताल को वापस लेने की चेतावनी दी है। लेकिन PTF ने इन चेतावनियों की परवाह किए बिना शिमला में शिक्षा निदेशालय का घेराव करने का निर्णय लिया है।
22 हजार प्राइमरी टीचर्स के हड़ताल से शिक्षा पर असर
प्रदेश में 22,000 से ज्यादा प्राइमरी टीचर्स हैं, जो ढाई लाख से अधिक बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। इनकी हड़ताल से आज बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। PTF के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि चाहे उन्हें जेल में डाला जाए या सस्पेंड किया जाए, उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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शिक्षा निदेशालय का पुनर्गठन और शिक्षकों की नाराजगी
शिक्षक शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि निदेशालय का गठन बिना शिक्षाविदों से राय लिए किया गया है। इसके अलावा, निदेशालय के स्वरूप के बारे में भी शिक्षकों से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया है। शिक्षाविदों का मानना है कि शिक्षा सुधार केवल शिक्षाविदों की राय से ही संभव है, लेकिन वर्तमान में केवल ब्यूरोक्रेट्स की राय ली जा रही है।
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क्या होगा अगला कदम?
अब देखना यह होगा कि क्या सरकार शिक्षकों की मांगों को स्वीकार करती है, या फिर यह विरोध और हड़ताल लंबी खिंचती है, जिससे प्रदेश के बच्चों की शिक्षा पर और भी गहरा असर पड़ेगा।