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February 19, 2025
हिमाचल में लाल बत्ती और फ्लैशर से परहेज करें अफसर- परिवहन विभाग ने किया आगाह
मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन के खिलाफ चेतावनी
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शिमला। हिमाचल सरकार ने बीते साल प्राकृतिक आपदा के दौरान राज्य सरकार के अफसरों को कुछ समय के लिए अपनी गाड़ियों में लाल बत्ती और फ्लैशर लगाने की इजाजत दी थी। लेकिन समयावधि बीतने के बाद आज भी कई अफसरों ने अपनी गाड़ियों से रेड लाइट, बीकन और फ्लैशर्स को उतारा नहीं है। अब जाकर परिवहन विभाग ने ऐसे अफसरों को चेतावनी देते हुए सभी विभागों के सचिव और विभागाध्यक्षों को एक पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया कि कुछ अफसर गाड़ियों पर फ्लैशर और रेड लाइट लगाकर मोटर व्हीकल एक्ट का उलंघन कर रहे हैं।
यह सही नहीं है। केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट, 1989 के नियम 108 के उप-नियम 4 में आपदा के दौरान कुछ अफसरों को फ्लैशर, रेड, ब्लू और व्हाइट लाइट की इजाजत दी गई थी। मगर, अब कुछ पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रूटीन में फ्लैशर और रेड लाइट लगाना शुरू किया है।
अफसरों की देखादेखी कुछ लोगों ने अपनी निजी गाड़ियों में भी मल्टी कलर, फैंसी ग्लो-लाइट भी लगाई है, जो हादसे का कारण बन सकती है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने अधिकारियों समेत आम लोगों को चेताया है।
लाल बत्ती बीकन लाइट का उपयोग केवल उच्च सरकारी पदों पर बैठे जनप्रतिनिध या लोकसेवक ही कर सकते हैं। इनमें मुख्य तौर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा अध्यक्ष की गाड़ियों पर लाल बत्ती लग सकती है। फ्लैशर का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, और पुलिस वाहनों द्वारा किया जा सकता है। इसके साथ ही कलेक्टर और आर्मी के अफसर कर सकते हैं।
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नीली बत्ती का उपयोग उन वाहनों पर किया जा सकता है जो पुलिस, आपातकालीन सेवाओं या अन्य सरकारी कार्यों से संबंधित होते हैं। यह विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों, आपातकालीन सेवाओं, और सरकारी एजेंसियों के लिए आरक्षित है।