#विविध
July 12, 2025
हिमाचल: भूस्खलन ने रोके दूल्हे के कदम, बारात को छोड़ अकेले चट्टानों को पार कर पहुंचा दुल्हन के द्वार
भूस्खलन भी नहीं रोक सका दूल्हे का जोश, जान जोखिम में डाल पहुंचा दुल्हन लेने
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मंडी। "मैं देर करता नहीं... देर हो जाती है" यह गाने की लाइनें मंडी जिला में बीते रोज बारात लेकर दुल्हन के घर जा रहे दूल्हे पर पूरी तरह से फिट बैठती हैं। यहां दुल्हन के घर बारात लेकर जा रहे दूल्हे के कदम उस समय रूक गए, जब रास्ते में भारी भूस्खलन से सड़क पूरी तरह से बंद हो गई। सड़क पहाड़ से बड़ी बड़ी चट्टानें आ गिरीं और सड़क पूरी तरह से बंद हो गई। जिससे यह दूल्हा भी यहां फंस कर रह गया।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर इस कदर टूट पड़ा है कि अब यह शादियों पर भी असर डालने लगा है। मंडी जिले से एक ऐसा ही अनोखा और संघर्ष से भरा वाकया सामने आया। जब एक बारात रास्ते में भूस्खलन की वजह से फंस गई। दूल्हा शादी के लिए दुल्हन को लेने जा रहा था, लेकिन रास्ते में आई प्राकृतिक आपदा ने इस पल को किसी फिल्मी सीन में बदल दिया।
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दरअसल, दुदर गांव से बारात सुबह करीब 3 बजे ज्वालापुर के लिए रवाना हुई थी। चार बजे के करीब बारात कैंची मोड़ पहुंची, जहां जगह.जगह हुए लैंडस्लाइड से बचते हुए जैसे.तैसे आगे बढ़ी। लेकिन जब बारात पंडोह के पास डयोड़ गांव स्थित मगर नाला पहुंची, तो वहां भारी मात्रा में भूस्खलन हो चुका था। बड़े.बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया था, जिससे हाईवे पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया।
इस भूस्खलन ने दूल्हे सहित पूरी बारात को वहीं रोक दिया। दुल्हन के घर पहुंचने और शादी की रस्मों मंे देरी होने की स्थिति को देखते हुए आखिरकार दूल्हे ने हिम्मत दिखाई और खुद ही दलदल और चट्टानों के बीच पैदल रास्ता पार किया। उसके पीछे पीछे कुछ बाराती भी चल दिए। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने भी चट्टानों से बंद हुए रास्ते को पार करने में दूल्हे की मदद की। वहीं अन्य लोगों को पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मदद से धीरे.धीरे सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
पंडोह पुलिस चौकी की टीम ने दूल्हे समेत कुछ नजदीकी परिजनों को सुरक्षित निकाला और कुल्लू की ओर से एक टैक्सी बुलाकर उसे दुल्हन के घर ज्वालापुर भेजा। ताकि शादी की रस्में तय समय पर पूरी हो सकें। अन्य बारातियों को सड़क साफ होने तक इंतजार करना पड़ा। इस तरह से एक दूल्हे को अपनी दुल्हन के घर पहुंचने में काफी मशकत करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11 बजे भारी बारिश के चलते भूस्खलन हुआ था। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक एनएच-3 (चंडीगढ़-मनाली हाईवे) को बहाल किया जा सका। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा।
एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि लैंडस्लाइड की वजह से जगह.जगह यातायात प्रभावित हुआ है, लेकिन पुलिस, प्रशासन और एनएचएआई की टीमें मौके पर तैनात हैं। जाम में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वाहन चालकों से अपील है कि वे इस मार्ग पर अत्यधिक सावधानी बरतें।
भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और एनएचएआई की मशीनरी तुरंत हरकत में आई। भारी मलबा हटाने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनें लगाई गईं। कई घंटों की मेहनत के बाद मार्ग को आंशिक रूप से खोला गया।