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February 28, 2026
हिमाचल: राजकीय सम्मान से जवान को दी अंतिम विदाई, 28 साल थी उम्र; परिवार के थे इकलौते बेटे
ड्यूटी के दौरान हुआ निधन, परिवार के साथ साथ पूरे गांव में पसरा मातम
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सुलह (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां कर्तव्य निभाते हुए हिमाचल पुलिस के एक युवा जवान ने महज 28 वर्ष की आयु में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। सुलह क्षेत्र के भट्टू समूला गांव निवासी हिमाचल प्रदेश पुलिस के कांस्टेबल अभय कौंडल का ड्यूटी के दौरान अचानक हृदयगति रुकने से निधन हो गया।
बताया जा रहा है कि वह किन्नौर जिले के भावानगर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे, तभी बुधवार शाम उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और देखते ही देखते यह होनहार जवान हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गया। अभय कौंडल वर्ष 2018 में हिमाचल प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे और अपनी ईमानदार सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के कारण विभाग तथा क्षेत्र में अलग पहचान बना चुके थे। ड्यूटी को सर्वोपरि मानने वाले इस जवान ने बहुत कम उम्र में ही वर्दी की जिम्मेदारी निभाते हुए जीवन का सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
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वीर जवान की पार्थिव देह वीरवार देर शाम उनके पैतृक गांव भट्टू समूला पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा जवान बेटा घर पहुंचा, परिजनों का रो.रोकर बुरा हाल हो गया। अभय अपने माता.पिता के इकलौते बेटे थे और परिवार का एकमात्र सहारा भी थे। जवान बेटे की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में हर आंख नम नजर आई और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अभय कौंडल का अंतिम संस्कार किया गया। हिमाचल प्रदेश पुलिस की टुकड़ी ने शस्त्र झुकाकर और हवा में गोलियां दागकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, रिश्तेदार, पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि वीर जवान को अंतिम विदाई देने पहुंचे। अंतिम संस्कार में सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि अभय का निधन केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
विधायक ने कहा कि अभय कौंडल सिर्फ वर्दीधारी जवान नहीं थेए बल्कि अपने गांव और क्षेत्र का गौरव थे। साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने मेहनत और संघर्ष के दम पर यह मुकाम हासिल किया था। उनकी कर्तव्यपरायणता और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। महज 28 साल की उम्र में देश और समाज की सेवा करते हुए एक जवान का इस तरह दुनिया से चले जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर गया है। अभय की यादें अब उनके परिवारए गांव और साथियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।