#अपराध
February 28, 2026
हिमाचल में चिट्टा तस्करी का फूटा भांडा : मास्टरमाइंड अरेस्ट, फर्जी नंबरों से चला रखा था नेटवर्क
बैंक खातों ने खोले आरोपियों के राज
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में पुलिस को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए उसके मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से नशा कारोबार से जुड़े एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है, जो लंबे समय से सक्रिय था।
आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह ऐसे फोन नंबरों का इस्तेमाल करता था जो किसी असली सिम से जुड़े नहीं थे, ताकि उसकी पहचान और लोकेशन का पता न चल सके। इन्हीं ऑनलाइन नंबरों के जरिए वह अपने साथियों से संपर्क में रहता था और पूरे नेटवर्क को आगे बढ़ा रहा था।
इस पूरे मामले की शुरुआत 2 फरवरी 2026 को हुई। रोहड़ू पुलिस टीम ने बीती देर रात को मेहंदली क्षेत्र में नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान मेहंदली क्षेत्र से गुजर रहे एक संदिग्ध वाहन को जांच के लिए रोका गया।
जब पुलिस ने वाहन और उसमें सवार युवक, जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह को 83 ग्राम चिट्टा के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। शुरुआती तौर पर मामला सिर्फ दो युवकों की गिरफ्तारी तक सीमित लग रहा था, लेकिन पूछताछ में बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस ने पूछताछ के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया और सप्लाई चेन को खंगालना शुरू किया। इसी कड़ी में चिड़गांव क्षेत्र के चार और आरोपियों आशीष चौहान, नवीन शिट्टा, दीवान चंद और विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू इलाके का बड़ा डिस्ट्रीब्यूटर था और वह स्थानीय स्तर पर चिट्टा सप्लाई कर रहा था।
मामले को तकनीकी तौर पर मजबूत करने के लिए पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों की जांच की। जशनदीप सिंह के खाते से पिछले चार महीनों में करीब 18 लाख रुपये का लेन-देन सामने आया। यह रकम संदिग्ध मानी गई। इसके बाद व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और डिजिटल सबूतों की जांच की गई, जिसमें पता चला कि गिरोह का मुख्य सरगना वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। इसी वजह से वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
डिजिटल ट्रेल और बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियां जोड़ते हुए शिमला पुलिस की टीम पंजाब के फिरोजपुर पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से मुख्य सप्लायर हरदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि उसके बैंक खाते में पिछले सात महीनों में करीब 28 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। यह रकम चिट्टा तस्करी से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
शिमला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है। वर्ष 2026 में अब तक NDPS एक्ट के तहत 56 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि नशे के सौदागरों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।