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March 8, 2025

गुड़िया केस में नीलू चरानी की अपील पर हिमाचल हाईकोर्ट रोज करेगा सुनवाई

मामले का दोषी है नीलू, सीबीआई कोर्ट से मिली है उम्र कैद की सजा

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himachal news

शिमला। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया रेप और हत्याकांड की सुनवाई सोमवार से हाईकोर्ट में अब रोज होगी। सीबीआई कोर्ट ने इससे पहले नीलू चरानी को मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। नीलू ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है।

कोर्ट ने याचिका ठुकराई

जस्टिस अजय मोहन गोयल और बी.सी. नेगी की विशेष खंडपीठ ने दोषी की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने जिरह के लिए समय मांगा था। याचिका में मामले की सुनवाई को अप्रैल तक टालने का अनुरोध किया गया था।

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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला 2021 से हाईकोर्ट में लंबित है और दोषी की सजा निलंबित नहीं की गई है। यानी वह अब भी जेल में है। ऐसे में कोर्ट का दायित्व बनता है कि उसके मामले का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।

यह है पूरा मामला?

सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक अनिल कुमार उर्फ नीलू ने 4 जुलाई 2017 को गुड़िया से दुष्कर्म किया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना की शुरुआत गुड़िया और आरोपी के बीच थूकने को लेकर हुए विवाद से हुई थी जो बाद में हाथापाई में बदल गई।

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पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 5 लोगों को हिरासत में लिया और 13 जुलाई 2017 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा किया। जब मामला हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपा तो स्थानीय पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों को डिस्चार्ज करने का निर्देश दिया गया। 19 जुलाई 2017 को पुलिस हिरासत में सूरज नामक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

सीबीआई जांच में खुली पोल

सीबीआई जांच में पाया गया कि पुलिस ने 2 लोगों के बयानों के आधार पर 5 लोगों को हिरासत में लिया था लेकिन बाद में सीबीआई जांच में ये दोनों गवाह अपने बयान से मुकर गए। सीबीआई के पॉलीग्राफ टेस्ट, नार्को एनालिसिस रिपोर्ट, ब्रेन इलेक्ट्रिकल ओसीलेशन सिग्नेचर प्रोफाइलिंग और फॉरेंसिक साइकोलॉजिकल रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि इन पांचों को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया था।

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सीबीआई की चार्जशीट में बताया गया कि दोषी अनिल उर्फ नीलू आदतन अपराधी है। साल 2015 में नीलू के खिलाफ सिरमौर जिले के सराहां पुलिस स्टेशन में धारा 307, 354, 326, 323 और 324 के तहत मामला दर्ज हुआ था। 14 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वह फरार हो गया था। 5 और 6 जुलाई 2017 की रात को उस पर एक युवती से दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप था।

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