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February 25, 2025
हिमाचल: गोबिंद सागर झील पर बनेगा फोरलेन केबल स्टेंड पुल, 4 हजार से ज्यादा पेड़ कटेंगे
नार्थ इण्डिया का सबसे लंबा केबल स्टेंड और वायाडक्ट पुल बनेगा
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में गोबिंद सागर झील पर 860 मीटर लंबे फोरलेन केबल स्टेड और वायाडक्ट पुल को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ही झंडी दिखा दी है। यह उत्तर भारत का सबसे लंबा केबल स्टेड और वायाडक्ट पुल होगा। लेकिन इस उपलब्धि के लिए 4 हजार से ज्यादा पेड़ कटेंगे।
897 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से हमीरपुर-ऊना वाया बड़सर की दूरी 80 किमी से 21 किमी कम होकर 59 किमी रह जाएगी। 40 मिनट का सफर भी कम होगा।
पुल को बीबीएमबी ने पहले ही परमिशन दे दी है, लेकिन लोगों की निजी जमीन और सरकारी भूमि से पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई को सरकरी मंजूरी मिलनी बाकी है।
हिमाचल प्रदेश में वन माफिया ने बीते साल सितंबर तक कुल 4476 से ज्यादा पेड़ काट डाले थे। यह जानकारी खुद सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में दी थी। गोबिंद सागर झील पर फोरलेन केबल स्टेड पुल के दोनों ओर कुल 8 किमी लंबा फोरलेन भी बनेगा। फोरलेन पर 50 मीटर का माइनर पुल और 150 मीटर एक वायडक्ट पुल बनेगा।
इसके अलावा प्रोजेक्ट में दो व्हीकल ओवर पास और दो व्हीकल अंडर पास का निर्माण भी प्रस्तावित हैं। सूखे से जूझते हिमाचल प्रदेश को लेकर आईआईटी की एक स्टडी में राज्य के आधे हिस्से में भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा बताया गया है। स्टडी में विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी देते समय पेड़ों की कटाई और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के आंकलन की भी जरूरत बताई गई थी।
यह प्रोजेक्ट 14 गांवों से होकर गुजरेगा। अभी लठियाणी से बिहडू जाने के लिए लोगों को बंगाणा होकर अतिरिक्त सफर करना पड़ता है या मोटरबोट का सहारा लेना पड़ता है।
यह पुल गोबिंद सागर के दोनों छोर पर पड़ने वाले अलयाना से बदघर को आपस में जोड़ेगा। लठियाणी से बिहडू तक प्रस्तावित पुल के लिए कुल 380 पेड़ वन भूमि से कटेंगे।