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August 30, 2025
हिमाचल: स्कूल भवन पर पहाड़ी से गिरी चट्टान, छत-दीवारें धवस्त; 70 बच्चे करते हैं शिक्षा ग्रहण
एसएमसी ने बुलाई आपात बैठक, बचा सामान समेटा
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त.व्यस्त हो गया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, सड़कों के टूटने और भवनों को हुए भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसा ही कुछ चंबा जिला के चुराह में भी हुआ है। यहां एक प्राथमिक स्कूल पर पहाड़ से बड़ी चट्टान आकर गिर गई है। इस घटना से स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।
यह हादसा चंबा जिला के चुराह उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवीकोठी में हुआ है। यहां प्राथमिक पाठशाला बंजल का भवन पहाड़ी से गिरी एक भारी चट्टान की चपेट में आ गया, जिससे स्कूल की छत और दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि भारी बारिश के चलते स्कूल में छुट्टी दे दी गई थी अन्यथा एक बड़ा हादसा हो जाता।
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गौरतलब है कि यह घटना उस समय हुई जब स्कूल में बरसात के कारण छुट्टियां चल रही थीं। यदि बच्चे स्कूल में मौजूद होते, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक करीब 60 से 70 छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। भूस्खलन के चलते स्कूल भवन के ऊपर की जमीन खिसक गई, जिसके कारण भारी चट्टान सीधे भवन पर आ गिरी। इस दौरान स्कूल की छत टूट गई और एक दीवार पूरी तरह ढह गई, जिससे स्कूल में रखी कुर्सियों, मेजों और अन्य शैक्षणिक सामग्री को भारी नुकसान पहुंचा।
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भूस्खलन इतना व्यापक था कि स्कूल के साथ लगता खेल मैदान भी इसकी चपेट में आ गया है। वर्तमान में स्कूल के आस.पास की जमीन अस्थिर हो चुकी है, जिससे वहां बच्चों को पढ़ाना अब सुरक्षित नहीं रह गया है। स्कूल प्रबंधन के पास अब पर्याप्त कमरे भी नहीं बचे हैं, जहां बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रखी जा सके।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि स्कूल की बची हुई सामग्री को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए स्थानीय लोगों ने सहयोग दिखाते हुए वैकल्पिक कक्ष उपलब्ध करवाए हैं। अब अस्थायी तौर पर बच्चों की पढ़ाई गांव में ही एक सुरक्षित स्थान पर करवाई जाएगी।
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इस बारे में चुराह के एसडीएम अंकुर ठाकुर ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की ओर से फील्ड स्टाफ को मौके पर भेजा गया है। स्कूल भवन के नुकसान का आकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश से चुराह उपमंडल समेत चंबा जिला में व्यापक नुकसान हुआ है। प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कर रहा है।
प्रदेश में इस वर्ष मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे चंबा, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में कई स्थानों पर सड़कें टूट गई हैं, पुल बह गए हैं और कई आवासीय भवनों को नुकसान हुआ है। चंबा जिला, जो पहले ही भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील है, इस बार फिर से प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है।