#अपराध

August 30, 2025

हिमाचल: पंचायत प्रधान का कारनामा, कागजों में बनाया पानी का टैंक; लगाई फर्जी हाजिरियां, FIR दर्ज

पंचायत कार्यों में भारी अनियमितताएं

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Mandi Corruption Case

मंडी : हिमाचल प्रदेश में आए दिन ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के आरोप व उन पर कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश की कई पंचायतों के प्रधान तो दोषी पाए जानें पर सस्पेंड तक किए जा चुके हैं। ऐसे में एक अन्य ताजा मामला प्रदेश के जिला मंडी से सामने आया है, जहां पंचायत में हुए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद पंचायत प्रधान समेत कुल पांच लोगों पर FIR दर्ज की गई है।

पूर्व कर्मचारी ससुर भी शामिल

जानकारी के अनुसार, मंडी जिला के तहत आती ग्राम पंचायत शोरशन (खंड चुराग) में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अब अदालत ने भी सख्त रुख अपनाया है।

 

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करसोग की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्वेता नरूला की अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए बीएनएसएस की धारा 338, 340 और 61(1) के तहत पंचायत प्रधान समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की गहन जांच करने के आदेश दिए हैं। अदालत के निर्देश के बाद करसोग पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में पंचायत प्रधान के अलावा पंचायत के मौजूदा और पूर्व कर्मचारी भी शामिल बताए गए हैं।

पंचायत कार्यों में भारी अनियमितताएं

यह मामला ग्राम पंचायत की महिला वार्ड सदस्य रुकमणी देवी की शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत कार्यों में भारी अनियमितताएं हुई हैं और सरकारी धन का गबन किया गया है।

 

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शिकायत के अनुसार, पंचायत ने 80,309 रुपये की लागत से एक पानी का टैंक निर्माण दिखाया, जिसके लिए भुगतान भी कर दिया गया। लेकिन जब 4 सितंबर, 2023 को सोशल ऑडिट किया गया, तो मौके पर कोई टैंक नहीं मिला। आरोप है कि ऐसे कई टैंक सिर्फ कागजों में बनाकर तैयार दिखा दिए गए और पैसे निकाल लिए गए।

ससुर के नाम पर निकाले पैसे

रुकमणी देवी ने आगे बताया कि बास्केटबॉल पिच, पैदल पुलिया समेत कई अन्य विकास कार्यों में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं। उनका कहना है कि ऐसे दर्जनों कार्य हैं, जिनमें फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

 

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एक और गंभीर आरोप यह है कि पंचायत के मस्ट्रोल में फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराए गए। यहां तक कि पंचायत प्रधान के ससुर, जोकि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और चल-फिर भी नहीं सकते, उनके नाम पर भी हाजिरी लगाकर पैसा निकाला गया।

डीएसपी करसोग ने कहा

उधर, डीएसपी करसोग गौरव जीत सिंह ने पुष्टि की है कि अदालत के आदेश पर पंचायत प्रधान और अन्य चार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि सच सामने लाया जा सके।

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