#विविध
December 7, 2025
क्या झूठ बोल रहे ग्रेट खली? दूसरे की जमीन को बता रहे अपना, NSG कमांडो ने खोली पोल
खली ने लगाए थे तहसीलदार पर आरोप
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सिरमौर। डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) के रिंग में दुनिया के बड़े-बड़े पहलवानों को धूल चटाने वाले 'द ग्रेट खली' दिलीप सिंह राणा अब हिमाचल प्रदेश में एक अलग तरह की कुश्ती में उलझ गए हैं। लेकिन इस बार उनका सामना किसी विदेशी रेसलर से नहीं, बल्कि देश के एक रिटायर्ड NSG कमांडो से है। मामला हिमाचल के जिला सिरमौर के पांवटा साहिब का है, जहां एक जमीन के टुकड़े को लेकर 'बाहुबल' और 'दस्तावेजों' की जंग छिड़ गई है।
कल तक जहां 'द ग्रेट खली' प्रशासन और स्थानीय लोगों पर उनकी जमीन हड़पने का आरोप लगा रहे थे, वहीं अब कहानी पूरी तरह पलट गई है। इस जमीन के असली मालिक होने का दावा करते हुए सेवानिवृत्त एनएसजी कमांडो और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वीरेंद्र सिंह सामने आए हैं।
वीरेंद्र सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खली के आरोपों की हवा निकालते हुए उन पर ही गंभीर आरोप मढ़ दिए। उन्होंने कहा, खली खुद मेरी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे पंजाब और हरियाणा से हथियारबंद आदमी लेकर आए और जोर-जबरदस्ती से जमीन हथियाना चाहते हैं।
पूर्व सैनिक वीरेंद्र सिंह ने खली को सीधा और खुला चैलेंज दिया है। उन्होंने कहा कि बयान बाजी करने या बाउंसर लाने से जमीन नहीं मिलती। अगर खली सच्चे हैं, तो अपनी जमीन के दस्तावेज पेश करें। कमांडो वीरेंद्र सिंह ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जमीन की पैमाइश करवाई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। साथ ही कहा कि उनके परिवार को खली से जान का खतरा है, इसलिए उन्हें तुरंत सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
पूर्व एनएसजी कमांडो वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि जिस जमीन को खली अपनी बता रहे हैं, उस 28 बीघा भूमि के चार हिस्सेदार हैं और बड़ा हिस्सा उनका है। यह जमीन साझे की है, यानी किस हिस्से पर कौन बैठेगा- इसका स्पष्ट बंटवारा नहीं हुआ है। इसी वजह से विवाद गहराता जा रहा है।
दरअसल विवाद की शुरुआत तब हुई जब शुक्रवार को नाहन में खली ने तहसीलदार ऋषभ शर्मा और राजस्व कर्मचारियों पर उनके साथ मिलकर जमीन पर कब्जा करवाने के आरोप लगाए थे। उन्होंने डीसी सिरमौर को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग भी की। खली के बयान के बाद पूरा प्रशासन हरकत में आ गया।
खली के आरोपों के कुछ ही घंटों बाद तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने प्रेस वार्ता कर दस्तावेजों सहित कहा कि खली के लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने साफ कहा कि विभाग किसी के पक्ष में नहीं है, सब कुछ कागजात और नियमों के आधार पर ही किया जा रहा है।
यह पूरी लड़ाई 28 बीघा जमीन के एक टुकड़े को लेकर है। साल 2013 में द ग्रेट खली के पिता ने विमला देवी नामक महिला से यह जमीन खरीदी थी। इस जमीन के कुल 4 हिस्सेदार हैं और यह सांझी खाता है। विवाद इस बात पर है कि 28 बीघा में से किसका हिस्सा किस तरफ है? खली जिस हिस्से पर अपना दावा जता रहे हैं, वीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह हिस्सा उनका है और उनके पास इसके पुख्ता कागज हैं।