#अपराध
December 7, 2025
हिमाचल: 'एयरफोर्स में लगवाएंगे नौकरी'- दंपति ने 3 युवकों को फंसाया, अब खुला राज
तीन साल बाद हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
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हमीरपुर। बेरोजगारी के इस दौर में कौन युवा नहीं चाहता कि, उसके पास एक अच्छी नौकरी हो। जिससे वह अपने व अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर सके। उसी अच्छी नौकरी को पाने के लिए प्रदेश के लाखों युवा दिन-रात मेहनत करके डिग्री व डिप्लोमा हासिल करते हैं।
मगर उनके सपनों पर घात लगाए बैठे कुछ शातिर कई बार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर अपने जाल में फसा लेते है। ऐसा ही एक मामला हमीरपुर जिले से सामने आया है, जहां एक दंपति ने तीन युवकों को वायुसेना में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये का चूना लगा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2022 का है, जब दो परिवारों के बच्चों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11.50 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद स्टेट CID क्राइम ने कार्रवाई करते हुए तीन साल से चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपी दंपति लम्बे समय से लोगों को यह विश्वास दिला रहा था कि उसके पास ऐसे संपर्क है, जिनके माध्यम से वह युवाओं को भारतीय वायुसेना में पक्की नौकरी दिला सकते है। इसी झांसे में वर्ष 2022 में हमीरपुर निवासी विजय कुमार और उनके परिजनों को फंसाया गया।
विजय कुमार ने शिकायत में बताया कि इस मामले की शुरुआत तभी हुई, जब उनकी भांजी उषा देवी फोन पर आरोपी की पत्नी वर्षा देवी ने संपर्क किया और दावा किया कि उसका पति पंकज युवाओं को एयरफोर्स भर्ती में चयनित तकवाता है। इसके बाद विजय ने पंकज पर विश्वास कर बात कर ली।
पंकज ने कहा कि वह विजय के दोनों बेटों, सचिन कुमार और नितिन कुमार को भर्ती करवा देगा लेकिन इसके लिए 8 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। भरोसे में आकर विजय ने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में 5.90 लाख रुपये ऑनलाइन भेजे, साथ ही 2.10 लाख रुपये नकद भी दे दिए।
इसी तरह , आरोपी ने विजय के जीजा सुरेंद्र कुमार से भी उनके बेटे की भर्ती का वादा कर 3.50 लाख रुपये ले लिए। इस प्रकार दोनों परिवारों से कुल 11.50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। काफी समय गुजर जाने के बाद जब युवाओं की भर्ती नहीं हुई, तो पीड़ित परिवारों ने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए।
आरोपियों ने न केवल रकम लौटाने से इंकार किया बल्कि धमकाते हुए कहा कि अब उनके बच्चे कहीं भी नौकरी के लिए चयनित नहीं हो पाएंगे। लगातार दबाव बनाए जाने पर आरोपी दंपती ने केवल 80 हजार रुपये वापस किए, जबकि शेष रकम अब तक नहीं लौटाई गई।
मामले की शिकायत मिलने के बाद CID थाना भराड़ी ने कक्कड़ निवासी पंकज कुमार और उसकी पत्नी वर्षा देवी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या यह दंपती प्रदेश में और भी युवाओं से नौकरी का झांसा देकर पैसे ठगता रहा है, क्योंकि प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं।