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August 2, 2025
सुक्खू सरकार से मतभेद पर क्या बोले राज्यपाल शिव प्रताप, नई मर्सिडीज पर भी दी सफाई
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने आपदा राहत पर जताई गहरी चिंता
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शिमला। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा राज्यपाल के लिए लगभग 92 लाख रुपए की नई मर्सिडीज कार खरीदने के फैसले ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज किया है, वहीं अब स्वयं राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है। साथ ही, उन्होंने प्रदेश में हो रही प्राकृतिक आपदाओं, अवैज्ञानिक निर्माण, और राहत कार्यों को लेकर भी अपनी गंभीर चिंता जाहिर की है।
राजभवन से मंडी और कुल्लू जिलों के आपदा प्रभावितों के लिए रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से राहत सामग्री रवाना करते हुए राज्यपाल ने मर्सिडीज कार को लेकर उठे विवाद पर पर कहा कि यह कोई व्यक्तिगत मांग नहीं थी। दिल्ली जैसे इलाकों में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध है, ऐसे में तकनीकी व कानूनी कारणों से नई गाड़ी लेना अनिवार्य हो गया था। संसदीय कार्य मंत्री को यह जानकारी पहले ही सार्वजनिक कर देनी चाहिए थी।
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हाल ही में राज्यपाल द्वारा पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की आपत्ति सामने आई थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्यपाल को अपने गरिमामयी पद की मर्यादा में रहकर बयान देना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि मैंने केवल पुनर्वास केंद्रों की आवश्यकता की बात की थी। अपने बयान में मैंने प्रदेश सरकार और प्रशासन के राहत कार्यों की सराहना भी की थी। मुख्यमंत्री ने किस संदर्भ में आपत्ति जताई, यह वही बेहतर बता सकते हैं।
हिमाचल में हो रहे भू.स्खलन, बाढ़ और अन्य आपदाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर राज्यपाल ने सहमति जताते हुए कहा कि यह चिंता केवल न्यायालय की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भी इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मुझसे बातचीत में कहा कि अगर हिमाचल के लोगों ने अपने रहन.सहन के तरीकों में बदलाव नहीं किया, तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता है।
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राज्यपाल ने कहा कि राज्य में अवैज्ञानिक निर्माण, जलवायु परिवर्तन, और बढ़ते मानव हस्तक्षेप के चलते पर्यावरणीय असंतुलन गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल को सहायता प्रदान कर रही है और आने वाले समय में सभी पक्षों को मिलकर इस संकट से निपटना होगा।
राज्यपाल ने बताया कि मंडी और कुल्लू जिलों के आपदा प्रभावित लगभग 1200 से 1300 परिवारों के लिए राहत सामग्री भेजी गई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे दो दिनों के दौरे पर मंडी जाएंगे और आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
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राज्य में लॉटरी व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यह विषय प्रशासन और जनता के बीच का हैए और इस पर उनकी कोई सीधी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।