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August 28, 2025

हिमाचल : एक ही दिन में 6 जगह फटे बादल, रावी में समाए कई घर- देश से कटा संपर्क

टूरिस्ट फंसे, स्थानीय लोग बन रहे सहारा

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Chamba Cloud Burst

चंबा। हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को चंबा जिला के सलूण गांव में रावी नदी के उफान ने भारी तबाही मचाई। नदी के तेज बहाव और भूमि कटाव की वजह से गांव के 7 मकान नदी में समा गए, जबकि कई अन्य घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

रावी नदी ने मचाई भारी तबाही

देखते-ही-देखते आधा गांव मानो नदी में समा गया हो। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। तबाही का मंजर देख लोग सहमे हुए हैं।

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6 जगह फटा बादल, 50 घरों को खतरा

चंबा के डलहौजी से विधायक डीएस ठाकुर ने विधानसभा में कहा कि उनके क्षेत्र में महज एक दिन में 6 जगह बादल फटे। इससे 50 से अधिक घर खतरे की जद में आ गए हैं। बिजली-पानी की सप्लाई और मोबाइल नेटवर्क पिछले तीन दिन से ठप पड़े हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।

मणिमहेश में भी कई यात्री फंसे

भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि चंबा जिले में संचार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। DC सहित किसी भी अधिकारी से संपर्क संभव नहीं हो पा रहा। उन्होंने विधानसभा में सेना को राहत और बचाव कार्य में लगाने की मांग की। विधायक ने आशंका जताई कि मणिमहेश यात्रा पर गए बड़ी संख्या में यात्री भी अलग-अलग जगहों पर फंसे हो सकते हैं।

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प्रकृति का प्रकोप

केवल चंबा ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्से भी प्रकृति के प्रकोप से जूझ रहे हैं। कांगड़ा के देहरा की ध्वाला पंचायत और बिलासपुर की मंझेड़ पंचायत में एक-एक घर जमींदोज हो गया। वहीं, मंगलवार को कुल्लू-मनाली और मंडी में ब्यास नदी के तेज बहाव ने 20 से ज्यादा घर और दुकानें, साथ ही एक रेस्टोरेंट भी बहा दिए।

संपर्क और ईंधन पर संकट

कुल्लू जिला बाकी प्रदेश से कट चुका है। सड़कों पर जगह-जगह भूस्खलन और पुल टूटने की वजह से यातायात बाधित है। इस बीच कुल्लू DC तोरुल एस. रवीश ने पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश दिए हैं कि वे इमरजेंसी के लिए ईंधन का रिजर्व बनाए रखें और जमाखोरी न करें। बड़े पेट्रोल पंपों को कम से कम 5 हजार लीटर डीजल और 3 हजार लीटर पेट्रोल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे वाहनों को अब एक बार में अधिकतम 20 लीटर और भारी वाहनों को 100 लीटर ईंधन ही मिलेगा।

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टूरिस्ट फंसे, स्थानीय लोग बने सहारा

चंडीगढ़-मनाली फोरलेन ब्यास नदी के प्रकोप से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसे बहाल करने में कम से कम दो दिन लग सकते हैं। इस वजह से चंडीगढ़ और मनाली के बीच बड़ी संख्या में पर्यटक फंसे हुए हैं। स्थानीय लोग अपने स्तर पर यात्रियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।

सभी शिक्षा संस्थान बंद

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन को देखते हुए कुल्लू, मंडी और चंबा जिलों में बुधवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन खराब मौसम और टूटी सड़कें राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रही हैं।

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