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August 27, 2025

हिमाचल में रावी नदी का ग्रास बना पूरा गांव, मिट गया नामोनिशान, चीख-पुकार से दहला इलाका

नुकसान का नहीं मिल पा रहा आंकड़ा

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 Holi Salon Village

चंबा। हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने प्राकृतिक आपदा का रूप ले लिया है। चंबा जिला के होली क्षेत्र में स्थित सलून गांव इस कहर की सबसे बड़ी तस्वीर बनकर सामने आया है। रावी नदी के उफान और पहाड़ों से लगातार गिरते मलबे ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया।

गांव का अस्तित्व मिटा

देखते ही देखते सलून गांव नदी की धारा में समा गया और वहां खड़े घर, खेत और बागीचे पलभर में मिट्टी और पत्थरों का ढेर बन गए। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार देर रात से बारिश लगातार तेज हो रही थी। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और पहाड़ी से आए मलबे ने गांव की जमीन को दरका दिया।

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रावी में समाया पूरा गांव

धीरे-धीरे दरारें चौड़ी होती गईं और गांव के कई मकान एक साथ धंस गए। जिन परिवारों ने समय रहते सुरक्षित जगह का रुख कर लिया, उनकी जान बच गई। लेकिन गांव का अस्तित्व अब पूरी तरह मिट चुका है। गांव को रावी में समाता देख लोगों में चीख-पुकार मच गई। पूरा इलाका लोगों की चीखों से दहल उठा।

दहशत में लोग, राहत कार्य मुश्किल

गांव के आसपास रहने वाले परिवार दहशत में हैं। सड़कें और पैदल रास्ते टूट जाने के कारण राहत-बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल हो रहा है। प्रशासन और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन और नदी के तेज बहाव ने हालात और खतरनाक बना दिए हैं।

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आजीविका पर गहरा असर

सलून गांव के लोग मुख्य रूप से खेती-बाड़ी और पशुपालन पर निर्भर थे। बगीचे, खेत और गौशालाएं सभी नदी में समा गए। जिन परिवारों के पास रहने के लिए दूसरा घर नहीं है, वे अब पूरी तरह बेघर हो गए हैं। लोगों का कहना है कि पीढ़ियों की मेहनत से खड़ा किया गांव और घर एक झटके में खत्म हो गया।

प्रशासन की चुनौती

चंबा प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन संचार और सड़क संपर्क ठप होने के कारण स्थिति को संभालना आसान नहीं है। स्थानीय लोग एक-दूसरे की मदद से बेघर परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक ले जा रहे हैं।

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प्रकृति का भयावह संदेश

सलून गांव का रावी में समा जाना इस बात का गवाह है कि पहाड़ी इलाकों में बेतरतीब निर्माण और जलवायु परिवर्तन किस तरह आपदाओं को और विकराल बना रहे हैं। यह घटना न केवल एक गांव के मिटने की कहानी है, बल्कि आने वाले समय के लिए चेतावनी भी है।

सेना को बुलाने की मांग

स्थानीय विधायक डॉ. जनक राज ने बताया कि खतरा को देखते हुए गांव को खाली करा लिया गया था। मगर संपर्क नहीं हो पा रहा है इसलिए कुछ भी दावे के साथ कहना मुश्किल है। चंबा में 3 दिन से मोबाइल नेटवर्क ठप है। किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। न DC से बात हो पा रही है, न प्रशासन से। सेना को तुरंत बुलाना चाहिए। इसकी मांग भी स्थानीय विधायक ने की है।

(NOTE: खबर लिखे जाने तक इतनी ही जानकारी मिल पाई थी। ज्यादा जानकारी मिलते ही खबर को अपडेट कर दिया जाएगा। फिलहाल, चंबा में किसी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। मोबाइल सिग्नल पूरी तरह गायब हैं।)

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