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April 17, 2026
हिमाचल कैबिनेट में भर्तियों की बंपर सौगात: इन विभागों में हजारों पद भरने को मंजूरी; जानें डिटेल
वन विभाग में राजस्व विभाग के रिटायर्ड अधिकारियों कर्मचारियों को मिलेगी नियुक्ति
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में युवाओं के लिए लंबे समय से इंतजार कर रही सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल कैबिनेट बैठक में सरकार ने भर्तियों का बड़ा पिटारा खोलते हुए विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर पद सृजित कर उन्हें भरने का फैसला लिया है।
कैबिनेट ने पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल पद भरने को मंजूरी दी है, जिससे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। जिसमें 700 पद पुरुष वर्ग और 300 पदों पर महिलाओं की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों के पद सृजित करने और उन्हें भरने का निर्णय लिया गया है। वन विभाग में यह 500 पद आउटसोर्स आधार पर भरे जाएंगे और उन्हें प्रतिमाह 15ए500 मानदेय दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन पदों में 50 प्रतिशत कोटा वन मित्रों के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे पहले से जुड़े युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
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कैबिनेट बैठक में वन विभाग के 10 क्षेत्रीय मंडलों में 10 कानूनी सलाहकारों को नियुक्त करने का निर्णय लिया। वन विभाग को और मजबूत करने के लिए राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों जिसमें 8 नायब तहसीलदार, 20 कानूनगो और 44 पटवारियों को निश्चित मानदेय पर नियुक्त किया जाएगा।
बैठक में किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई। कैबिनेट बैठक में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम] मक्का का 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी का 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम, चंबा जिले की पांगी घाटी के जौ का 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम और प्राकृतिक खेती से उत्पादित अदरक का मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने का निर्णय लिया।
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राज्य के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु संजय कुमार परमवीर चक्र विजेता की सेवाएं 1 मई 2026 से लेने का निर्णय भी लिया गया है।
इसके अलावा पात्र निजी कंपनियों को 71 लघु जलविद्युत परियोजनाएं आवंटित करने का फैसला लिया गया है, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियमों में संशोधन और अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे फैसले भी लिए हैं, ताकि आम लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
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सरकार ने पर्यटन कारोबार को राहत देते हुए होम.स्टे के लिए फायर एनओसी की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। साथ ही पानी के टैंक की क्षमता से जुड़ी शर्तों को भी आसान बनाया गया है, जिससे छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी और "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट ने 1.50 लाख लीटर पानी के टैंक की शर्त में छूट दी है और अब 5000 लीटर क्षमता वाला टैंक बनाना होगा।
प्रदेश के नए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संस्थानों की कार्यक्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।