#हादसा
April 16, 2026
हिमाचल: घर से मंदिर दर्शन को निकला था शख्स, पहाड़ी रास्ते ने छीन ली सांसें, सदमें में परिवार
पैर फिसलने से खाई में जा गिरा शख्स
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते हादसे एक के बाद एक परिवारों की खुशियां छीन रहे हैं। हिमाचल की पहाड़ियों पर बने कच्चे और पतली पगडंडियों के रास्ते अकसर कई दुर्घटनाओं को जन्म देते हैं। ताजा मामला कुल्लू जिले से सामने आया है, जहां मंदिर के लिए घर से निकले एक व्यक्ति की रास्ते में दर्दनाक मौत हो गई। एक पल में हंसता.खेलता परिवार उजड़ गया और पीछे छूट गईं सिर्फ यादें और मातम।
जानकारी के अनुसार कुल्लू के गांव कटोंगर निवासी 55 वर्षीय गजेंद्र सिंह पुत्र टेक चंदए 14 अप्रैल की रात करीब 8रू45 बजे अपने भाई और ग्रामीणों के साथ बड़ाग्रा मंदिर की ओर जा रहे थे। मंदिर जाने वाले इस कच्चे और संकरे रास्ते पर उस समय काल बनकर बारिश बरसी। बारिश के कारण पगडंडी वाला रास्ता बेहद फिसलन भरा और खतरनाक हो गया था।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारए रात के घने अंधेरे और बारिश की वजह से रास्ते की पगडंडी पर पांव टिकाना मुश्किल हो रहा था। मंदिर पहुंचने से पहले ही अचानक गजेंद्र सिंह का संतुलन बिगड़ गया और वह संभलने का मौका मिलने से पहले ही सीधे गहरी ढांक से नीचे जा गिरे। उनके साथ चल रहे लोगों ने शोर मचाया और तुरंत उन्हें बचाने के लिए खाई की ओर रुख किया।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल गजेंद्र सिंह को बेहद गंभीर हालत में ढांक से निकाला गया। उन्हें उपचार के लिए तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गजेंद्र सिंह ने अस्पताल की दहलीज तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी मदन लाल कौशल ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला बारिश के कारण फिसलन और असंतुलित होकर गिरने का लग रहा है। पुलिस इस संबंध में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर रही है।
55 वर्षीय गजेंद्र सिंह अपने पीछे भरा.पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद से उनके घर में चीख-पुकार मची हुई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे कटोंगर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि मंदिर के दर्शन करने निकले गजेंद्र अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।