#विविध
January 13, 2026
हिमाचल अ.ग्निकांड: NDRF और खोजी कुत्ते सर्च ऑपरेशन में जुटे - किसी की बाजू तो किसी की टांग मिली
DNA जांच का सहारा लेगा प्रशासन
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सोलन। हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन स्थित अर्की बाजार में लगी भीषण आग अब एक दर्दनाक राहत अभियान में बदल चुकी है। जली हुई इमारतों और भारी मलबे के बीच आज सुबह फिर से खोज अभियान शुरू कर दिया गया है। रात भर की खामोशी के बाद जब मशीनों की आवाज दोबारा गूंजी, तो हर किसी की नजर इस उम्मीद पर टिकी थी कि शायद कोई और ज़िंदगी मलबे से बाहर आ सके या कम से कम लापता लोगों की कोई पुष्टि हो सके।
सोमवार सुबह होते ही SDRF, पुलिस और होमगार्ड की टीमें दोबारा मौके पर उतरीं। जेसीबी मशीनों से जले हुए ढांचों को हटाया जा रहा है और मलबे की परत-दर-परत जांच की जा रही है। आज NDRF की टीम भी विशेष उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच रही है। इसके साथ ही खोजी कुत्तों को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है, ताकि मलबे में दबे लोगों के संकेत मिल सकें।
इस अग्निकांड में दो परिवारों के कई सदस्य फंस गए थे, जिनमें महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे शामिल थे। बिहार के आठ वर्षीय प्रशांत का शव सोमवार को बरामद कर लिया गया था। उसके बाद से बाकी लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। रेस्क्यू टीमों का फोकस अब उन हिस्सों पर है, जहां सबसे ज्यादा आग और ढहाव हुआ था।
SDM अर्की निशांत तोमर ने बताया कि मलबे से जो अवशेष मिल रहे हैं, उनकी हालत इतनी खराब है कि मौके पर पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है। ऐसे मामलों में DNA जांच के बाद ही पीड़ितों की शिनाख्त संभव हो पाएगी। प्रशासन ने इसके लिए मेडिकल और फॉरेंसिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब तीन बजे अर्की बाजार के एक रिहायशी मकान में आग लगी। निचली मंजिलों पर दुकानें थीं, जबकि ऊपर की मंजिलों पर नेपाल और बिहार के मजदूर रह रहे थे। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। सात परिवारों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो नेपाली परिवार आग की चपेट में आ गए।
आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के मकान भी इसकी चपेट में आ गए। इसी दौरान एक के बाद एक कई एलपीजी सिलेंडर फट गए, जिससे लपटें और भड़क उठीं। धमाकों की आवाज से पूरा बाजार दहल उठा।
घटनास्थल पर जले हुए ढांचों के साथ भारी मात्रा में मिट्टी और कंक्रीट जमा है, जिससे राहत कार्य बेहद जटिल हो गया है। मशीनों के साथ-साथ मैनुअल सर्च भी की जा रही है, ताकि कोई संकेत छूट न जाए। इस अग्निकांड में एक दर्जन से ज्यादा दुकानें पूरी तरह जल चुकी हैं। लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है और प्रशासन अब नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है।