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January 13, 2026

CM सुक्खू ने चला नया दांव - महिला अफसर को सौंपी गृह जिले की कमान, जानें कौन हैं DC गंधर्वा राठौर

हमीरपुर के डीसी समेत 8 IAS और 5 HAS अधिकारियों के तबादले

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IAS transfer

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर सत्ता नहीं, बल्कि सिस्टम की शक्ल बदली है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर से लेकर सचिवालय तक, सरकार ने एक साथ कई अहम कुर्सियों पर नए नाम बैठाकर यह साफ संकेत दे दिया है कि आने वाला दौर सिर्फ योजनाओं का नहीं, बल्कि उनके सख्त क्रियान्वयन का होगा। 8 IAS और 5 HAS अधिकारियों के तबादलों ने प्रदेश की नौकरशाही में हलचल मचा दी है और इन आदेशों को प्रशासनिक मजबूती, फील्ड पकड़ और जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्यों अहम माने जा रहे हैं ये तबादले

अचानक हुए इन तबादलों को रूटीन प्रक्रिया भर नहीं माना जा रहा। CM  के गृह जिले के उपायुक्त का बदला जाना इस फैसले को खास बनाता है। जानकारों का मानना है कि सरकार अब जिला स्तर से लेकर सचिवालय तक कामकाज में तेजी, निगरानी और परिणाम आधारित प्रशासन चाहती है। इन्हीं संकेतों के बीच मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से इन तबादलों के औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

गंधर्व राठौर बनीं हमीरपुर की नई DC

हमीरपुर के DC अमरजीत सिंह को हटाकर सचिव सहकारिता नियुक्त किया गया है। इस पद से IAS सी. पालरासु को मुक्त किया गया है। वहीं विशेष सचिव (कार्मिक) के पद पर तैनात IAS गंधर्व राठौर को हमीरपुर का नया DC बनाया गया है। इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम की प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं।

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हमीरपुर जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और प्रशासनिक रूप से अहम जिले की जिम्मेदारी अब एक युवा IAS अधिकारी को सौंपी गई है, जिसे सरकार के भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है।

सेल्फ स्टडी से UPSC तक का सफर

आईएएस गंधर्व राठौर ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी दिल्ली में रहकर की थी। उन्होंने कोचिंग के बजाय सिलेबस को समझने, सही स्टडी मैटेरियल चुनने और नियमित सेल्फ स्टडी पर फोकस किया। उनका मानना है कि बिना कोचिंग तैयारी करने वालों के लिए सबसे पहली चुनौती सिलेबस की गहराई को समझना होती है। वह सिलेबस को छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ने पर जोर देती हैं।

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गंधर्व राठौर बताती हैं कि उन्होंने अपनी तैयारी का करीब 90 प्रतिशत समय मेन्स परीक्षा पर केंद्रित रखा, जिसमें आधा वक्त ऑप्शनल विषय को देती थीं। उनके अनुसार, ऑप्शनल विषय सिविल सेवा में सफलता की रीढ़ होता है। इसके साथ ही वे प्रेजेंटेशन स्किल, कम्युनिकेशन स्किल और आंसर राइटिंग पर लगातार काम करती रहीं।

ऐसे की थी तैयारी

मेन्स परीक्षा से करीब पांच महीने पहले ही गंधर्व राठौर ने नियमित आंसर राइटिंग शुरू कर दी थी। वे रोजाना पांच से सात सवालों के जवाब लिखती थीं और बाद में उन्हें मॉडल आंसर से मिलान कर खुद का मूल्यांकन करती थीं। उनका फोकस यह रहता था कि हर जवाब में आर्थिक, राजनीतिक, कानूनी, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू शामिल हों।

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वह यह भी मानती हैं कि UPSC की तैयारी के दौरान हॉबी बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि कोई न कोई ऐसी गतिविधि जरूर होनी चाहिए, जो अभ्यर्थी को किताबों से बाहर निकाले, शारीरिक रूप से सक्रिय रखे और इंटरव्यू के समय व्यक्तित्व को भी मजबूत बनाए।

हिमाचल कैडर तक का सफर

गंधर्व राठौर को पहले पश्चिम बंगाल कैडर आवंटित हुआ था, लेकिन विवाह के बाद भारत सरकार ने मैरिज ग्राउंड पर उनका इंटर-कैडर ट्रांसफर हिमाचल प्रदेश कर दिया। इस तरह वे अब हिमाचल कैडर की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 2016 बैच के हिमाचल कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग चंदर से विवाह किया है।

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