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March 29, 2025

हिमाचल के MLA ने वेतन के बाद अब मांगी झंडी, बोले-डीसी, एसपी को दी-तो हमें क्यों नहीं?

विधायकों ने मुख्य सचिव से अधिक मांगा वेतन

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने माननियों के वेतन में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी का संशोधन विधेयक पारित किया। इस विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद विधायकों और मंत्रियों का वेतन 30 फीसदी तक बढ़ जाएगा। वेतन बढ़ोतरी के बाद अब हिमाचल के सभी विधायकों ने झंडी की मांग कर ली है। झंडी के अलावा मुख्य सचिव से अधिक सैलरी और बेहतर आवास की सुविधा भी मांगी है।

झंडी पर विधायकों का तर्क

हिमाचल के सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने वेतन बढ़ोतरी के साथ ही अब झंडी की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर मुख्य सचिव, सचिव, डीसी, एसपी को झंडी दी गई है तो विधायकों को झंडी क्यों नहीं। विधायकों का कहना था कि गाड़ी पर झंडी लगी होने से उन्हें समय पर अपने गंतव्य में पहुंचने में मदद मिलती है। 

 

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मुख्य सचिव से मांगा अधिक वेतन

इतना ही नहीं वेतन बढ़ोतरी पर सभी विधायकों ने एक और बड़ी मांग सदन में रखी है। विधायकों ने प्रदेश के मुख्य सचिव से अधिक वेतन मांगा है। भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि प्रोटोकॉल में जनता विधायकों को मुख्य सचिव से ऊपर मानती है। ऐसे में विधायकों की सैलरी मुख्य सचिव से ऊपर होनी चाहिए। चाहे वह एक रुपया ही क्यों ना हो।

 

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सरकारी आवास का मुद्दा भी उठाया

इस दौरान सदन में विधायकों को मिलने वाले सरकारी आवास का मामला भी उठाया गया। उनका कहना था कि मेट्रोपोल में उन्हें दो कमरे दिए गए हैं, जबकि अधिकारियों को टाइप फाइव कमरे मिले हैं। चुराह के विधायक हंसराज ने तो सरकारी बंगले के साथ साथ लग्जरी गाड़ी की भी डिमांड की और कहा कि वह 500 किलोमीटर दूर से शिमला आते हैं। ऐसे में बार बार शिमला आने के लिए आम गाड़ी में सफर करना काफी मुश्किल रहता है। 

 

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जयराम ठाकुर ने वेतन भत्ते बढ़ोतरी को सराहा

वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ने विधायकों के वेतन और भत्तों की बढ़ोतरी के फैसले की सराहना की। उन्होंने सुक्खू सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि विधायकों के वेतन 9 साल बाद बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में 27 साल पूरे हो चुके हैं। पहली बार जब विधायक बना तो साढ़े 8 हजार मिलते थे। 

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