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April 1, 2025
हिमाचल पुलिस के रडार पर 850 चिट्टा तस्कर, जल्द होंगे सलाखों के पीछे
हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर सख्ती
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में नशे के बढ़ते कारोबार पर नकेल कसने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खासतौर पर जिला कुल्लू, जो लंबे समय से चरस की तस्करी के लिए कुख्यात रहा है, अब चिट्टा (हेरोइन) की आपूर्ति के कारण भी चिंता का विषय बन गया है। इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी जिलों में नशे के कारोबार में लिप्त लोगों की मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में कुल्लू जिले में 850 नशा तस्करों की पहचान कर उन्हें पुलिस की निगरानी में लाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद कुल्लू पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जिले में सक्रिय नशा कारोबारियों की पहचान की जा रही है, जिसमें उनके छोटे-बड़े स्तर के नेटवर्क की विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है।
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इस प्रक्रिया के तहत नशा तस्करों के आपराधिक रिकॉर्ड, उनके पिछले मामलों और मौजूदा गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस की इस सख्ती से तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।
पिछले कुछ वर्षों से कुल्लू में नशीले पदार्थों की तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। पहले यह क्षेत्र मुख्य रूप से चरस की तस्करी के लिए जाना जाता था, लेकिन अब बाहरी राज्यों से चिट्टा (हेरोइन) भी बड़ी मात्रा में पहुंचने लगा है। पिछले एक सप्ताह में ही पुलिस ने कई मामलों में चिट्टा जब्त किया है। खासतौर पर युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन अब नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए एक व्यापक रणनीति अपना रहे हैं। इसमें शामिल प्रमुख कदम इस प्रकार हैं:
- नशा तस्करों की मैपिंग: पुलिस 850 से अधिक तस्करों की पहचान कर रही है और उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
- सख्त कानूनी कार्रवाई: नशा तस्करों पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
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- युवाओं को जागरूक करना: स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- इंटर-स्टेट मॉनिटरिंग: बाहरी राज्यों से आने वाले मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
कुल्लू के पुलिस अधीक्षक डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस 850 नशा तस्करों की मैपिंग कर रही है और उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए तत्पर है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा तस्करों पर सख्त कानूनी कार्यवाही होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि, यह एक लंबी लड़ाई होगी क्योंकि नशे का नेटवर्क व्यापक और संगठित है। पुलिस और प्रशासन को इस दिशा में लगातार सतर्क रहना होगा ताकि हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाया जा सके।
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बहरहाल, सरकार और प्रशासन के इन कड़े कदमों से उम्मीद की जा रही है कि कुल्लू और अन्य जिलों में नशे का प्रभाव कम होगा और युवा वर्ग को इस गंभीर समस्या से बचाया जा सकेगा।