#रोजगार
February 20, 2025
हिमाचल: करीब 6300 प्री-प्राइमरी टीचरों की आउटसोर्स आधार पर भर्ती के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट की रोक हटाई, राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन करेगा भर्तियां
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के नर्सरी और केजी कक्षाओं वाले स्कूलों में करीब 6300 प्री-प्राइमरी टीचरों की भर्ती का रास्ता खुल गया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय सचिव को टीचरों की भर्ती के आदेश जारी कर दिए हैं। इन पदों पर भर्ती का जिम्मा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन को मिला है। आउटसोर्स से भरे जाने वाले इन पदों के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से नर्सरी शिक्षक शिक्षा, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम (कम से कम दो वर्ष का) में डिप्लोमा या बीएड (नर्सरी) होना चाहिए।
हिमाचल की सुक्खू सरकार ने पिछले साल करीब 6300 प्री-प्राइमरी टीचरों की भर्ती आउटसोर्स आधार पर करने का ऐलान किया था। भर्ती शुरू भी हो गई थी। लेकिन बीच में हिमाचल हाईकोर्ट ने भर्तियों पर रोक लगा दी। तब से भर्तियों की प्रक्रिया सरकारी फाइलों में घूम रही थीं। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की रोक हटा दी है। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री ने प्री-प्राइमरी टीचरों की भर्ती का आदेश जारी कर दिया है।
नर्सरी और केजी कक्षाओं वाले स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों को सरकार ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षक का पदनाम दिया है। 21 से 45 वर्ष की आयु के बारहवीं कक्षा में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले हिमाचली भर्ती के पात्र होंगे। इसके लिए दो वर्ष का डिप्लोमा या नर्सरी में बीएड होना अनिवार्य रहेगा।
मान्यता प्राप्त संस्थान से नर्सरी शिक्षक शिक्षा, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम (कम से कम दो वर्ष का) में डिप्लोमा या बीएड (नर्सरी) होना चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में पांच प्रतिशत की छूट रहेगी। हिमाचल प्रदेश के बाहर के संस्थानों से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा।
विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक तय किया गया है। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च शामिल हैं। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे।
सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे।