#हिमाचल

August 6, 2025

सिंगापुर आर्मी छोड़ हिमाचल लौटे थे ये शख्स, कांगड़ा की चाय को दी नई पहचान- जानें पूरी कहानी

सूद ने लीज पर लिए बागान

शेयर करें:

Kangra Tea

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में रायपुर टी एस्टेट में राजीव सूद का पालन-पोषण हुआ। हालांकि उनका जन्म सिंगापुर में हुआ था। वो सिंगापुर आर्मी में नौकरी कर रहे थे। जब राजीव ने देखा कि कांगड़ा चाय अपनी पहचान खो रही है तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला लिया और चाय बिजनेस में हाथ आजमाने का मन बना लिया। आइए जानते हैं राजीव सूद ने कैसे कांगड़ा चाय को पुनर्जीवित किया।

100 से ज्यादा फ्लेवर

साल 2006 में राजीव ने हिमालयन इंटरप्राइजिज को स्थापित किया। उन्होंने हिमालयन ब्रू ब्रैंड के अंतर्गत प्राकृतिक बिना कृत्रिम स्वाद वाली चाय और हर्बल इन्फ्यूजन को 100 से ज्यादा फ्लेवर में लोगों के सामने पेश किया। 

 

ये भी पढ़ें: हिमाचल में क्यों फटते हैं बादल ? पहाड़ो में तबाही की असली वजह एक क्लिक में जानिए

लीज पर लिए बागान

राजीव ने सालों से उपेक्षित चाय बागानों को लीज पर लेकर पुनर्जीवित किया। हिमालयन ब्रू केवल एक चाय कंपनी नहीं, बल्कि एक सोच बन चुकी है, जो स्वास्थ्य, संस्कृति और परंपरा को जोड़ती है।

 

ये भी पढ़ें: हिमाचल की थाली में छिपी संस्कृति: ये तीन चीजें सिर्फ स्वाद नहीं, परंपरा भी हैं

राजीव सूद का सम्मान

हिमाचल में चाय को सुंदर गिफ्ट पैकिंग, कमर्शियल पैक के रूप में प्रस्तुत किया गया हो, ऐसा राजीव ने पहली बार किया। आज हिमाचल ब्रू ब्रैंड ना सिर्फ देश में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। रोटरी क्लब पालमपुर हिमालयन ब्रू के संस्थापक राजीव को सम्मानित भी कर चुका है।

ये भी पढ़ें: ये हैं हिमाचल के 3 बड़े कॉमिडियन, पहाड़ी चुटकुले सुन घर से दूर बैठे लोगों को याद आ जाते हैं अपने

लीज पर दी जाए जमीनें

सूद ने सरकार को सुझाव दिया है कि बंजर जमीन को किसानों को और उद्यमियों को लीज पर दिया जाए। वो कहते हैं कि अगर सरकार चाय उद्योग को रिवाइव करना चाहती है तो सरकार को बंजर जमीन को खेती योग्य बनाकर चाय की खेती के लिए पट्टे पर देना चाहिए। 

पहले से कम है उत्पादन

अगर ऐसा किया जाए तो वर्तमान प्रोडक्शन के मुकाबले कम से कम 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पालमपुर व आस-पास के क्षेत्र में चाय का उत्पादन 9 लाख मीट्रिक टन है जो कभी 17 लाख मीट्रिक टन था।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख