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August 3, 2025
हिमाचल: मजदूर की बेटी ने घर-घर जाकर किया काम, अब कला के दम पर लूट रही वाहवाही
महीने में 7-8 हजार कमा रहीं वनिता
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो ये सच साबित करती है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। ये कहानी है आदवासी परिवार से आने वाली वनिता की।
वनिता ने शिमला में ही होश संभाला लेकिन वनिता का परिवार झारखंड के गुमला जिले के चुहरू का रहने वाला है। वनिता का परिवार सालों पहले मजदूरी करने के लिए हिमाचल आ गया था। वनिता ने 12वीं तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, ब्यूलिया से की है। खराब आर्थिक स्थिति के चलते वनिता आगे की पढ़ाई नहीं कर पाईं और एक घर में हेल्पर की नौकरी ले ली।
वनिता को बचपन से ही चित्रकारी का बहुत शौक था। हालांकि महंगे रंग और अन्य सामग्री खरीद पाना उसके लिए संभव नहीं था। कोरोना काल में जिस कारोबारी के घर वनिता ने काम करना शुरू किया, उन्हीं ने वनिता के टैलेंट को पहचाना। घर के काम के बाद वनिता पेंटिंग बनाने लगी। इसमें बिहार की मधुबनी पेटिंग, गुजरात व राजस्थान की लिप्पन आर्ट और तिब्बत का मंडला आर्ट भी शामिल था।
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वनिता कहती हैं कि पेंटिंग और अन्य कलाएं उन लोगों का शौक होती है जो अमीर होते हैं। मजदूर का परिवार तो दो वक्त की रोटी जुटाने में ही लगा रहता है। मल्होत्रा परिवार ने उन्हें उनके सपनों में रंग भरने का मौका दिया। अब वनिता महीने में अपनी कलाकृतियों से 7-8 हजार रुपये कमा लेती हैं। अब वनिता शहर के युवाओं को प्रशिक्षण भी दे रही हैं।
शिमला के लोअर पंथाघाटी में पंकज मल्होत्रा का घर है जिसके परिसर में वनिता शाम को 2 घंटे अपने आर्टवर्क को सजाती हैं। लोग यहां से उनके आर्टवर्क खरीद लेते हैं। वनिता को कुछ ऑर्डर इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया से भी मिल जाते हैं। वनिता चाहती हैं कि वो शिमला में अपने आर्टवर्क को शोकेस करें और ई-कॉमर्स के जरिए विदेश तक अपना आर्टवर्क कमर्शियलाइज कर सकें।