#हिमाचल

July 22, 2025

केंद्र ने भेजा आपदा का पैसा: साल 2023 वाले 451 करोड़ जारी, मगर शर्तों के साथ

पुनर्निर्माण में लापरवाही पर रोक, NDMA करेगा निगरानी, होगी जियो टैगिंग

शेयर करें:

disaster relief

शिमला। हिमाचल प्रदेश में आपदा के दौर के बीच केंद्र सरकार ने आखिरकार राहत भेज ही दी। मगर ये राहत इस बरसात में हुए नुकसान की नहीं, बल्कि 2023 में भीषण आपदा के बाद पुनर्निर्माण पर भेजी है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से हिमाचल सरकार को 451.44 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की है। 

सशर्त भेजी राहत

लेकिन इसके साथ ही केंद्र सरकार ने बेहद सख्त शर्तें भी तय की हैं। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जब तक इस धनराशि का 75% उपयोग नहीं होगा और वित्तीय उपयोग की निगरानी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाएगी, तब तक अगली किस्त जारी नहीं की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें : बिजली महादेव रोपवे मामला: MLA सुंदर ठाकुर ने पेश किए कई सबूत, विरोधियों को बताया 'दोगला'

पहली किस्त की जारी

बता दें कि यह राशि कुल स्वीकृत 1504.80 करोड़ की पहली किस्त है, जो कि कुल का 30% हिस्सा है। हालांकि इसके बाद सीएम सुक्खू हिमाचल के तमाम सांसदों से संसद में आग्रह करने को कह रहे हैं कि केंद्र से बिना शर्त राहत मांगी जाए।

क्या कहता है केंद्र का आदेश?

  • यह सहायता 2023 की आपदा के बाद पुनर्निर्माण के लिए मंजूर की गई 2006 करोड़ रुपये की कुल राशि का हिस्सा है।
  • इसमें से करीब 500 करोड़ रुपये राज्य सरकार को अपने स्तर पर खर्च करने होंगे।
  • गृह मंत्रालय को फंड जारी होने के 15 दिनों के भीतर पूरी राशि की घटकवार जानकारी वित्त मंत्रालय को देनी होगी।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) सभी पुनर्निर्माण और वसूली परियोजनाओं की समीक्षा और निगरानी करेगा।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : भांजे ने बताया- उफनती नदी में नहाने जा रहे मामा, पुलिस को नदी किनारे मिली लोई और चप्पल

हर काम की होगी जियो टैगिंग

NDMA केंद्र और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर एक निगरानी ढांचा (Monitoring Framework) तैयार करेगा। इसके तहत:

  • सभी निर्माणाधीन और पुनर्निर्मित संपत्तियों की जियो टैगिंग अनिवार्य होगी।
  • खर्च की हर मद पर डिजिटल निगरानी और ऑडिट ट्रैकिंग होगी।
  • केंद्र सरकार ने इशारों में साफ कर दिया है कि राहत राशि का कोई दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : फलों-सब्जियों की गाड़ी में चंडीगढ़ पहुंचाया जा रहा था नशा, पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा तस्कर

सिस्टम के लिए चेतावनी

इस फैसले को जहां हिमाचल की आपदा-प्रभावित जनता के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं राज्य प्रशासन के लिए यह सतर्कता का संदेश भी है। केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि आपदा राहत अब भावनाओं पर नहीं, सुचिता और पारदर्शिता पर आधारित होगी।

 

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें। 

Related Tags:
ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख