#विविध
August 14, 2026
हिमाचल में आसमान से आफत का अलर्ट, पहाड़ों पर मंडरा रहा खतरा; 19 अगस्त तक भारी बारिश
नदी-नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह
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शिमला। हिमाचल में मौसम एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। पहाड़ों पर बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा और अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए भारी पड़ सकते हैं। कहीं मूसलाधार बारिश हो रही है तो कहीं पहाड़ दरकने लगे हैं।
शिमला-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर भराड़ीघाट में गुरुवार रात अचानक लैंडस्लाइड हुआ और सवारियों से भरी HRTC बस इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। जिस जगह यह घटना हुई, वहीं तीन दिन पहले चट्टानें गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
अब मौसम विभाग ने 19 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। आने वाले दिनों में कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 17 अगस्त से मौसम एक बार फिर ज्यादा सक्रिय हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार इस दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस के मजबूत होने की संभावना है। 17 और 18 अगस्त को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। 17 अगस्त को सिरमौर, कांगड़ा और ऊना के लिए ऑरेंज अलर्ट है, जबकि चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने 19 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में नदी-नालों के आसपास जाने और लैंडस्लाइड संभावित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा गया है।
खासतौर पर सड़क से सफर करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान अचानक पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना रहता है।
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दिलचस्प बात यह है कि लगातार बारिश और जगह-जगह सामने आ रही घटनाओं के बावजूद पूरे हिमाचल में मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 13 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य तौर पर 486.2 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार इसी अवधि में 441.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 9 फीसदी कम बारिश हुई है।
जिलावार आंकड़ों में भी बारिश का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। बिलासपुर में सामान्य से 10 फीसदी, हमीरपुर में 49 फीसदी, कांगड़ा में 17 फीसदी, लाहौल-स्पीति में 51 फीसदी, मंडी में 25 फीसदी, सोलन में 11 फीसदी और ऊना में 7 फीसदी कम बारिश हुई है।
वहीं कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा में सामान्य से 3 फीसदी, किन्नौर में 20 फीसदी, कुल्लू में 29 फीसदी, शिमला में 25 फीसदी और सिरमौर में 7 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
ऐसे में कुल मिलाकर प्रदेश में बारिश सामान्य से कम जरूर है, लेकिन जिन इलाकों में लगातार तेज बारिश हो रही है वहां पहाड़ों के दरकने और सड़कें बाधित होने का खतरा लगातार बना हुआ है। भराड़ीघाट की ताजा घटना और तीन दिन पहले इसी क्षेत्र में हुआ जानलेवा हादसा लोगों के लिए साफ चेतावनी है कि आने वाले दिनों में बारिश के बीच पहाड़ी सड़कों पर बेहद सतर्क होकर सफर करना होगा।