#विविध
January 28, 2026
हिमाचल में तबाही बनकर टूटा ग्लेशियर : बर्फ में दबी 3 दुकानें और 2 गाड़ियां, लोगों में दहशत का माहौल
50 सालों में पहली बार टूटा इतना बड़ा ग्लेशियर
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में भारी बर्फबारी के बाद एक बड़ा प्राकृतिक हादसा सामने आया है। पूलन पंचायत के अंतर्गत ओट नाला में बीती रात करीब एक बजे अचानक ग्लेशियर टूटकर नीचे आ गिरा- जिससे क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है।
इस घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। इस हादसे में दो पिकअप गाड़ियां और तीन दुकानें पूरी तरह से तबाह हो गईं, जबकि लोग बाल-बाल बच गए। हादसे के वक्त लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि दोनों पिकअप गाड़ियां बीती शाम भरमौर से सामान लेकर पूलन की ओर पहुंची थीं। देर शाम के बाद ड्राइवरों ने गाड़ियों को ओट नाला के समीप सुरक्षित समझकर खड़ा किया और अपने-अपने घरों की ओर चले गए।
रात के अंधेरे में अचानक पहाड़ से भारी ग्लेशियर टूटकर नीचे आ गया। देखते ही देखते बर्फ, पत्थर और मलबे के साथ दोनों गाड़ियां खाई में जा गिरीं। सुबह तक गाड़ियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
ग्लेशियर की चपेट में आई पिकअप गाड़ियों के नंबर HP-38F-7066 और HP-73-8462 बताए जा रहे हैं। इनमें से एक पिकअप घड़लो देवी पत्नी जैहरी राम, निवासी पूलन की बताई जा रही है, जबकि दूसरी पिकअप पूलन गांव के बंटी की है। इसके अलावा घड़लो देवी की ओट नाला के पास स्थित तीन दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। दुकानों में रखा सारा सामान बर्फ और मलबे में दब गया है।
हादसे के बाद से पूलन और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में ग्लेशियर टूटने की घटना उन्होंने अपने जीवन में पहली बार देखी है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर रातें जागकर गुजारीं, क्योंकि उन्हें और अधिक ग्लेशियर गिरने का डर सता रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं। ग्लेशियर के नीचे दबी गाड़ियों की तलाश की जा रही है, हालांकि भारी बर्फ और दुर्गम हालात के कारण राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है।
पूलन पंचायत की प्रधान अनीता कपूर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वह स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरी जानकारी दे दी गई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 50 वर्षों में भरमौर क्षेत्र में इतना बड़ा ग्लेशियर गिरने की कोई घटना नहीं हुई। बीते 23 और 24 जनवरी को क्षेत्र में 3 से 4 फुट तक बर्फबारी हुई थी, जबकि बीती रात दो फुट से अधिक ताजा बर्फ गिरी।
लगातार भारी बर्फबारी के चलते पहाड़ों पर जमी बर्फ कमजोर हो गई और इसी का नतीजा यह भयावह हादसा बना। फिलहाल प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। क्षेत्र में मौसम साफ होने के बाद नुकसान का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।