#हादसा
June 27, 2026
हिमाचल के 25 वर्षीय युवक की सर्बिया में मौ.त : माता-पिता को दोस्तों से फोन पर मिली खबर
जवान बेटे का निधन, माता-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सुंदरनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत ऊपरी बेहली के समकल गांव के 25 वर्षीय युवक निखिल कौशल की यूरोपीय देश सर्बिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
घटना की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन गहरे सदमे में हैं, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है। निखिल की असामयिक मौत ने क्षेत्र के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।
बताया जा रहा है कि निखिल कौशल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के इरादे से करीब डेढ़ वर्ष पहले रोजगार के लिए सर्बिया गया था। विदेश में रहकर वह कड़ी मेहनत कर रहा था और अपने परिवार के बेहतर भविष्य के सपने संजोए हुए था।
माता-पिता और छोटे भाई की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वह लगातार काम कर रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि उसकी मेहनत से आने वाले समय में घर की परिस्थितियां बेहतर होंगी, लेकिन एक अप्रत्याशित घटना ने उन सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
परिजनों को मिली जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन निखिल अपने कुछ साथियों के साथ नहाने के लिए गया था। बताया जाता है कि वह एक बार पानी से बाहर आया, लेकिन उस समय उसकी तबीयत कुछ असामान्य लग रही थी और उसे काफी पसीना आने लगा।
इसके बाद वह दोबारा पानी में गया, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। जब उसके साथ मौजूद लोगों को चिंता हुई तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के पीछे की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। सर्बिया की स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
निखिल के चचेरे भाई सागर और सुनील ने बताया कि उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी सर्बिया में मौजूद निखिल के दोस्तों के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, ताकि किसी भी तरह की आशंका या संदेह की स्थिति समाप्त हो सके। उनका कहना है कि अगर मौत के पीछे कोई अन्य कारण है तो उसकी भी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी कर निखिल का पार्थिव शरीर भारत लाया जाए। परिवार की इच्छा है कि उसका अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव समकल में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाए, ताकि परिवार और ग्रामीण अंतिम विदाई दे सकें।
जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, समकल गांव सहित आसपास के इलाकों में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निखिल मेहनती, मिलनसार और जिम्मेदार स्वभाव का युवक था, जिसने बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश का रुख किया था। किसी ने नहीं सोचा था कि वह इस तरह हमेशा के लिए अपनों से बिछड़ जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी सरकार से आग्रह किया है कि मामले में मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाने, परिवार को आवश्यक सहयोग देने तथा घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि निखिल की मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आ सकें।