#अपराध
February 12, 2026
हिमाचल में चोरों के हौसले बुलंद : पूर्व कांग्रेस मंत्री के घर पर डाला डाका, मेन गेट से घुसे अंदर
राजा साहब के सलाहकार रह चुके हैं पूर्व मंत्री
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती वारदात ने सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी है। राजधानी के शांत माने जाने वाले इलाके में हुई इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बंद पड़े मकान कितने सुरक्षित हैं।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री रंगीला राम राव के शिमला स्थित आवास में चोरी का मामला सामने आया है। जाखू क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में स्थित उनके मकान से चार गीजर चोरी होने की पुष्टि हुई है।
जानकारी के अनुसार, यह मकान काफी समय से बंद पड़ा था। पूर्व मंत्री का परिवार बीच-बीच में ही यहां आता-जाता रहता है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले चार पुराने गीजर खरीदकर एक कमरे में रखे गए थे।
9 जनवरी को जब परिवार के सदस्य मकान पहुंचे तो मुख्य गेट खुला मिला। घर के भीतर सामान की जांच की गई तो कमरे में रखे सभी गीजर गायब थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में जबरन ताला तोड़ने या तोड़फोड़ के स्पष्ट निशान सामने नहीं आए हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
यह भी जांच का विषय है कि गेट कैसे खुला मिला और क्या किसी ने पहले से मकान की रेकी की थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे CCTV की फुटेज खंगाली जा रही है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
गौरतलब है कि रंगीला राम राव मंडी जिला से संबंध रखते हैं और प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। वह कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के राजनीतिक सलाहकार की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। ऐसे में उनके आवास पर हुई चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद पड़े मकानों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई मकान लंबे समय से खाली है तो उसकी नियमित निगरानी रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें।
फिलहाल, पुलिस CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि चोरी में कितने लोग शामिल थे और गीजर कहां खपाए गए।