#अपराध
April 8, 2025
पंजाब से नशा बेचने हिमाचल आए थे दो पंजाबी, कार की डिक्की में भरी थी बड़ी खेप
पुलिस ने नाकाबंदी पर पकड़े दो पंजाबी चरस तस्कर
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बिलासपुर। हिमाचल पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष डिटेक्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए फोरलेन पर नाके के दौरान दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 किलो 56 ग्राम चरस बरामद की है। यह कार्रवाई घुमारवीं थाना क्षेत्र में की गई, जहां एक संदिग्ध मारुति अर्टिगा कार (PB23V9063) की तलाशी के दौरान यह खेप पकड़ी गई।
पुलिस ने जानकारी दी कि नियमित जांच के तहत फोरलेन पर एक नाका लगाया गया था। इसी दौरान संदिग्ध गाड़ी को रोककर जांच की गई।
जब पुलिस टीम ने कार की डिक्की की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में कैनाबिस (चरस) मिली, जिसे बड़े पैमाने पर तस्करी के लिए लाया जा रहा था।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- रमन पुत्र यशपाल, निवासी फतेहगढ़, लुधियाना (पंजाब), उम्र 35 वर्ष
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- अमित कुमार पुत्र सतीश कुमार, निवासी आजाद नगर, लुधियाना (पंजाब), उम्र 37 वर्ष
पुलिस ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत घुमारवीं थाने में मामला दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी चरस को हिमाचल में बेच कर यहां नशे का अड्डा स्थापित करना चाहते थे। अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और नशीले पदार्थ की अंतिम डिलीवरी कहां दी जानी थी।
पुलिस की टीम अब आरोपियों से पूछताछ के ज़रिए यह जानकारी निकालने में जुटी है कि यह खेप किस स्रोत से प्राप्त की गई थी, और इससे जुड़े अन्य सहयोगियों व संपर्क सूत्रों की पहचान भी की जा रही है।
इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल पुलिस नशे की तस्करी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। बिलासपुर पुलिस की यह मुहिम न केवल नशे के खिलाफ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सीमाओं से परे तस्करी को रोकने के लिए राज्य पूरी तरह सतर्क है।
बहरहाल, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।