#अपराध
September 9, 2025
हिमाचल: चिट्टे की बड़ी खेप के साथ 3 युवक धरे, कार में फुट मैट के नीचे छिपाया था
चालक सीट के फुट मैट के नीचे छिपाई थी चिट्टे की खेप
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी जिला कांगड़ा की टीम ने कांगड़ा थाना क्षेत्र में तीन युवकों को चिट्टे की खेप के साथ धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से कुल 30ण्57 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है, जो कि नशे के अवैध कारोबार की गंभीरता को दर्शाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीआईए की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने समेला बस स्टॉप के पास स्थित रेन शेल्टर के नजदीक एक गाड़ी को रोका। जांच के दौरान चालक सीट के फुट मैट के नीचे एक काले रंग का प्लास्टिक लिफाफा बरामद हुआ, जिसमें चिट्टा छिपाया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद तीनों युवकों को हिरासत में लिया।
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पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय गुरप्रताप सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड धर्मशाला, 34 वर्षीय सोवित कुमार निवासी लोअर श्यामनगर धर्मशाला और 34 वर्षीय अंकुर कुनाल सिंह निवासी चैतड़ू धर्मशाला के रूप में हुई है। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चिट्टा कहां से लाया गया और किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था।
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इस घटना ने एक बार फिर से हिमाचल प्रदेश में नशे के फैलते जाल को उजागर कर दिया है। खास तौर पर कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में नशे की लत तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है। पहले जहां केवल बाहरी राज्यों से नशे की खेप आती थी, अब हिमाचल खुद एक उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि एक "ट्रांजिट ज़ोन" बनता जा रहा है।
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नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए परिवार, स्कूल, समाज और सरकार सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। नशे की रोकथाम के लिए स्कूल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, पुनर्वास केंद्रों की संख्या में वृद्धि, और स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करना आज की जरूरत बन गया है। सरकार को चाहिए कि वह सिर्फ गिरफ्तारी या छापेमारी तक सीमित न रहकर, नशे के पीछे की सामाजिक व आर्थिक वजहों पर भी ध्यान दे।