#अपराध
October 2, 2025
हिमाचल पुलिस का जवान ही अगवा कर लिया : यहां पढ़ें खनन माफिया का पूरा कारनामा
टिप्पर पर नहीं लगी थी नंबर प्लेट, मैटेरियल से था लोड
शेयर करें:

सोलन। हिमाचल प्रदेश में अवैध खनन का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस की लगातार कार्रवाई और सख्ती के बावजूद माइनिंग माफिया खुलेआम दबंगई दिखा रहे हैं। ताजा मामला पुलिस थाना मानपुरा के अंतर्गत गुरुद्वारा मानपुरा से सामने आया है।
यहां गुरुद्वारा मानपुरा के पास हाईवे पर बीती रात पुलिस की गश्त के दौरान खनन माफिया ने ना केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि पुलिस जवान की जान को भी खतरे में डाल दिया।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात गश्ती टीम ने हाईवे पर एक बिना नंबर प्लेट के हाईवा टिप्पर को रोककर जांच शुरू की। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें अवैध खनन सामग्री (माइनिंग मैटिरियल) भरी मिली।
टिप्पर चालक की पहचान मदन लाल उर्फ मनीष के रूप में हुई है- जो कि हाडाखुंडी, बद्दी का रहने वाला है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की और टिप्पर को थाना मानपुरा ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान होमगार्ड जवान लक्ष्मी चंद को वाहन में चालक के साथ बैठाकर सुरक्षित थाना तक लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्थिति उस समय बिगड़ गई जब चालक मदन लाल ने पुलिस जवान को धमकाते हुए टिप्पर को तेज रफ्तार से दौड़ाना शुरू कर दिया। थाना मानपुरा की ओर जाने की बजाय उसने गाड़ी को सीधे अपने गांव हाडाखुंडी की दिशा में मोड़ लिया।
इस दौरान चालक ने पीछा कर रही पुलिस टीम को रोकने के लिए बेहद खतरनाक तरीका अपनाया। उसने टिप्पर का जैक उठाकर लोड की हुई खनन सामग्री बीच सड़क पर गिराना शुरू कर दिया, ताकि पीछा कर रहे पुलिस वाहन और अन्य राहगीर फंस जाएं।
भागते समय आरोपी ने जवान लक्ष्मी चंद को भी जान से मारने की धमकी दी और कुछ दूरी पर उसे रास्ते में उतारकर फरार हो गया। सौभाग्य से जवान को कोई चोट नहीं आई, लेकिन जिस तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से टिप्पर चलाया गया, उससे किसी बड़े हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
चालक की बड़ी चालाकी यह रही कि टिप्पर पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी। इससे न केवल वाहन की पहचान मुश्किल हो गई, बल्कि पुलिस को भी आगे की कार्रवाई में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : नशे से गई महिला की जा*न! लोगों को सड़क पर पड़ी मिली बेहोश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। मानपुरा थाना पुलिस ने आरोपी के गांव हाडाखुंडी और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन चालक टिप्पर को किसी और दिशा में भगा ले गया। फिलहाल पुलिस वाहन और आरोपी दोनों की तलाश में जुटी है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, जब माइनिंग माफिया ने पुलिस को चुनौती दी हो। इससे पहले भी प्रदेश के कई इलाकों में अवैध खनन माफिया पुलिसकर्मियों पर हमला कर चुके हैं, यहां तक कि जवानों को अगवा करने और धमकाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
यह ताजा घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अवैध खनन माफिया किस हद तक जाकर दबंगई दिखाने से पीछे नहीं हटते। अब देखना होगा कि पुलिस किस तेजी और सख्ती के साथ इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन को जब्त करती है।
उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए टिप्पर चालक के खिलाफ थाना मानपुरा में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ने टिप्पर चालक के खिलाफ अवैध माइनिंग, सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी कर्मी को कैद करने समेत अन्य कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।