#अपराध
April 16, 2026
सरकाघाट कॉलेज छात्रा केस में बड़ा अपडेट : मां-बाप को भी पीट चुका है आरोपी, मगर नहीं होगी फां*सी!
मंडी जेल भेजा आरो*पी विकास, अदालत के फैसले पर टिकी सबकी नजरें
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कॉलेज जा रही 19 वर्षीय छात्रा सिया गुलेरिया की हत्या ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। घटना के कई दिन बाद भी हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, सरकाघाट उपमंडल के नैण गांव की रहने वाली सिया पर सामने से दराट (धारदार हथियार) से हमला किया गया था। उस समय वह रोज की तरह कॉलेज जा रही थी और रास्ते में अपनी सहेली से मोबाइल पर बात कर रही थी।
जांच में सामने आया है कि जैसे ही सिया अपने घर से कुछ दूरी पर पहुंची, आरोपी विकास सामने से आता दिखा। उस समय सड़क पर और कोई मौजूद नहीं था। आरोप है कि विकास ने अचानक सिया पर दराट से हमला कर दिया।

अचानक हुए इस हमले से सिया संभल नहीं पाई, जिसके बाद आरोपी ने उस पर लगातार कई वार किए और मौके से फरार हो गया। घटना के दौरान पास के घर में मौजूद एक महिला ने सिया की चीखें सुनीं और बाहर आकर देखा। उसने आरोपी को मौके से भागते हुए देखा, जिससे पुलिस को जांच में अहम सुराग मिला है।
पुलिस ने अब तक इस मामले में 11 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है- ताकि आरोपी की गतिविधियों का पूरा क्रम सामने आ सके।
प्रारंभिक तौर पर पुलिस यह मानकर चल रही है कि आरोपी ने यह हमला सनक या अचानक उग्र मानसिक स्थिति में किया हो सकता है। हालांकि अभी किसी ठोस कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी विकास का व्यवहार पहले से ही झगड़ालू रहा है। उसने अपने ही माता-पिता के साथ मारपीट की थी और मामला पुलिस तक पहुंचा था। मगर परिजनों के अनुरोध पर उस समय केस दर्ज नहीं किया गया था।

अब पुलिस पिछले 10-15 दिनों की उसकी गतिविधियों को भी खंगाल रही है। घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उसकी तबीयत खराब होने पर उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में भर्ती कराया गया- जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई और फिर मंडी जेल भेज दिया गया।
SP मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस आरोपी को दोबारा अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि पूछताछ के जरिए सच्चाई तक पहुंचा जा सके।
फिलहाल, सिया हत्याकांड में पुलिस जांच जारी है और अदालत में सुनवाई के दौरान ही यह तय होगा कि अपराध की प्रकृति क्या है। आरोपी को किस तरह की सजा मिलनी चाहिए। कानूनी तौर पर साफ है कि फांसी की सजा एक अपवाद है, सामान्य नियम नहीं। ऐसे में यह मामला किस दिशा में जाएगा, ये अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
आपको बता दें कि सिया हत्याकांड में पुलिस ने BNS 2023 की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है। इस धारा में हत्या के अपराध के लिए फांसी या आजीवन कारावास दोनों का प्रावधान है। हालांकि, फांसी की सजा हर मामले में नहीं दी जाती, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि अदालत उस अपराध को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में मानती है या नहीं।
साल 2022 में सोलन की अदालत ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी। इस मामले में अपराध की क्रूरता-जिसमें बच्ची के साथ बर्बरता की गई को देखते हुए अदालत ने इसे दुर्लभतम श्रेणी में रखा। बाद में दोषी की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।
इसी तरह 2014 में शिमला में हुए बहुचर्चित युग किडनैपिंग और मर्डर केस में भी निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट ने दो आरोपियों को बरी कर दिया और एक की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। इस मामले में मासूम बच्चे को अगवा कर पानी के टैंक में डुबोकर मार दिया गया था, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।