#अपराध
June 28, 2025
हिमाचल: एक्शन मोड में पुलिस, आधी रात को सड़कों पर उतरे एसपी; 27 टिप्पर किए जब्त
SP, ASP, DSP की मौजूदगी में रात 11 बजे से सुबह दो बजे तक चली कार्रवाई
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बीती रात को अवैध खनन पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी अपनी टीम के साथ सड़कों पर उतर आए। इस दौरान पूरी रात सिरमौर जिला की सड़कों पर विशेष अभियान चलाया गया और कई टिप्पर और ट्रक जब्त किए गए।
बता दें कि बीती रात जिला पुलिस ने एक सुनियोजित और व्यापक अभियान चलाकर कानून की धज्जियां उड़ाने वाले टिप्पर चालकों पर नकेल कसी। इस अभियान की खास बात यह रही कि खुद जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी रात 11 बजे से तड़के 2 बजे तक सड़कों पर डटे रहे और अवैध खनन और ओवरलोडिंग करने वाले 27 टिप्परों और ट्रकों को जब्त किया।
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इस विशेष अभियान की अगुवाई स्वयं पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने की, जो सिरमौर में अपनी तैनाती के बाद से तीसरी बार इस तरह का बड़ा अभियान संचालित कर चुके हैं। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा, डीएसपी रमाकांत ठाकुर और पांवटा साहिब के डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर भी मौजूद रहे। चारों अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में खुद नाकाबंदी स्थलों पर तैनात रहकर न केवल अभियान की अगुवाई की बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की।
यह अभियान पुरुवाला, पांवटा साहिब, माजरा और कालाअंब (नाहन) में चलाया गया। पांवटा साहिब में सबसे अधिक 20 टिप्परों को जब्त किया गया, जबकि अन्य क्षेत्रों से भी कई टिप्पर पकड़े गए। इन टिप्परों में लदे निर्माण सामग्री को पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भेजा जा रहा था। दिलचस्प बात यह रही कि अधिकतर टिप्परों के पंजीकरण इन ही राज्यों में पाए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, जहां से जुर्माने की राशि तय होगी। अनुमान है कि मामले में 6 से 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है, क्योंकि नियमों के अनुसार न्यूनतम चालान राशि 25 हजार रुपए से शुरू होती है।
पुलिस की यह कार्रवाई केवल पुलिस स्तर तक सीमित नहीं रही। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आरटीओ सोना चौहान की अगुवाई में भी एक अलग टीम ने फर्जी पंजीकरण के आधार पर चल रहे टिप्परों की जांच शुरू की और कई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन फर्जी पाया गया, जिन पर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अभियान आमजन की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया गया। सभी मामलों को न्यायालय भेज दिया गया है और आरोपियों को किसी भी सूरत में राहत नहीं दी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले में कानून तोड़ने वाले चाहे जितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन पर शिकंजा कसा जाएगा। सिरमौर पुलिस ऐसे अभियानों को लगातार अंजाम देती रहेगी और अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।