#अपराध

August 17, 2025

श्रीखंड यात्रा के रास्ते में युवक की बिगड़ी सेहत, मजदूर ने गाड़ी तक पहुंचाने के मांगे 60 हजार

समय पर इलाज ना मिलने से निकले युवक के प्राण

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Shrikhand Mahadev Yatra

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की कठिन और जोखिम भरी श्रीखंड महादेव यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सही ढंग से न हो पाने के कारण उसकी मौत हो गई।

श्रीखंड यात्रा में युवक की मौत

चौंकाने वाली बात यह है कि मरीज को सड़क तक ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से तैनात पोर्टर ने अतिरिक्त पैसों की मांग की और बाद में मरीज को आधे रास्ते में ही छोड़ दिया। लंबे समय तक बारिश में जमीन पर पड़े रहने और सही समय पर उपचार न मिलने से मरीज ने दम तोड़ दिया।

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रास्ते में बिगड़ गई थी तबीयत

इस पूरे मामले की शिकायत विशाल कनौजिया निवासी चंडीगढ़ ने पुलिस को दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनका साथी अभय चंडीगढ़ श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान गंभीर रूप से बीमार हो गया था। डाक्टरों ने जांच के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद प्रशासन की ओर से तैनात पोर्टर से संपर्क किया गया।

60 हजार की मांग, 40 हजार में हुआ सौदा

शिकायत के अनुसार पोर्टर ने मरीज को नीचे सड़क तक पहुंचाने के लिए 60 हजार रुपये की मांग की। काफी मोलभाव के बाद 40 हजार रुपये पर बात तय हुई। शुरुआत में पोर्टर ने मरीज को उठाकर यात्रा मार्ग पर नीचे ले जाना शुरू किया, लेकिन जैसे ही दल सिंहगाड़ के समीप पहुंचा, पोर्टर ने अचानक फोन बंद कर दिया और आगे जाने से साफ मना कर दिया।

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बेसहारा पड़ा रहा मरीज

आरोप है कि पोर्टर ने अभय को सड़क तक पहुंचाने से इंकार कर दिया और उसे दो घंटे तक बारिश में खुले आसमान के नीचे जमीन पर ही पड़ा रहने दिया। इस दौरान मरीज लगातार गुहार लगाता रहा कि उसे किसी तरह अस्पताल पहुंचा दिया जाए, लेकिन पोर्टर अतिरिक्त पैसों की मांग करता रहा और मदद करने से मना कर दिया।

बिगड़ी तबीयत, नाक से बहा खून

दो घंटे तक बारिश और ठंड में पड़े रहने से अभय की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उसकी नाक से खून बहना शुरू हो गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उस समय भी पोर्टर ने मदद करने से इंकार कर दिया और धमकी तक दी। आखिरकार अतिरिक्त पैसे देने के बाद भी पोर्टर वहां से चला गया और अभय को बेसहारा छोड़ दिया।

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मौत और जिम्मेदारी पर सवाल

इस लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण समय पर इलाज न मिलने से अभय की मौत हो गई। विशाल कनौजिया ने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस अमानवीय व्यवहार के लिए जिम्मेदार पोर्टर और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी है। ASP संजीव चौहान ने पुष्टि की कि निरमंड थाना में BNS की धारा 106 और 125(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

यह घटना श्रीखंड महादेव यात्रा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यात्रा मार्ग को लेकर हर साल बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा तंत्र की बात की जाती है, लेकिन इस मामले ने साफ कर दिया कि जमीनी स्तर पर कई कमियां हैं। श्रद्धालुओं और उनके परिजनों ने मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पोर्टरों और ठेकेदारों पर सख्त निगरानी रखी जाए और पारदर्शी रेट तय किए जाएं।

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