#अपराध

August 16, 2025

हिमाचल में दो रूसी नागरिक नशे की खेप के साथ धरे, आरोपियों में एक महिला भी शामिल

दो मामलों में पुलिस ने तीन नशा तस्कर किए गिरफ्तार

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Charas kangra Russian citizens

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश का शांत पहाड़ी जिला कांगड़ा एक बार फिर नशे के बढ़ते खतरे की चपेट में नजर आ रहा है। शनिवार को कांगड़ा पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों से कुल 180ण्30 ग्राम चरस बरामद की गई है। यह घटना प्रदेश में नशे के फैलते जाल और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है।

दो रूसी नागरिक चरस सहित गिरफ्तार

कांगड़ा जिला के पालमपुर उपमंडल के पंचरुखी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रूस के एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 102 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने उनकी कार नंबर HP21B-8960को भी जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंसेज) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि विदेशी नागरिक हिमाचल में किस नेटवर्क से जुड़े थे और क्या यह तस्करी से संबंधित कोई बड़ा गिरोह है।

 

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बैजनाथ में स्थानीय युवक से चरस बरामद

इसी दिन बैजनाथ थाना पुलिस ने गश्त के दौरान पडोल रोड के निवासी विशाल कुमार को रोका और उसकी तलाशी ली, जिसमें 78.30 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ भी NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह लंबे समय से चरस के अवैध धंधे से जुड़ा हुआ है।

पुलिस की सख्त चेतावनी

कांगड़ा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे और अवैध शराब के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि नशे के सौदागरों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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समाज और पुलिस की साझा जिम्मेदारी

कांगड़ा में लगातार सामने आ रहे नशे के मामलों ने एक गंभीर सामाजिक संकट की ओर संकेत किया है। प्रदेश में पहाड़ी इलाकों की शांत फिजाओं के बीच नशे का यह साया तेजी से फैल रहा है, जो न केवल युवाओं को बर्बादी की ओर ले जा रहा है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचा रहा है। नशे के इस बढ़ते खतरे को केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं रोका जा सकता। इसके लिए समाज के हर वर्गअभिभावक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा को आगे आना होगा। स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना आज समय की मांग है।

 

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इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में ड्रग माफिया की पहुंच और उनकी गतिविधियों पर चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय नागरिकों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि हिमाचल अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक ड्रग नेटवर्क का भी हिस्सा बनता जा रहा है। ऐसे में ज़रूरत है एक ठोस रणनीति और समाजिक सहभागिता की, ताकि हिमाचल की वादियों को इस नशे के जहर से बचाया जा सके।

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