#अव्यवस्था
January 22, 2026
जनता के पैसों पर मौज! सुक्खू सरकार ने रैली के लिए दौड़ाईं 496 बसें- HRTC ने भेजा 2 करोड़ का बिल
रैली में 20 हजार से ज्यादा जुटे थे लोग
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मंडी। हिमाचल प्रदेश सरकार की मंडी में आयोजित जनसंकल्प रैली अब अपनी भीड़ से ज्यादा खर्च को लेकर चर्चा में है। एक तरफ कर्मचारियों की पेंशन, विकास कार्यों और योजनाओं के लिए धन की कमी का तर्क दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर सरकारी कार्यक्रमों पर करोड़ों का खर्च सवाल खड़े करता है। मंडी की जनसंकल्प रैली अब सरकार की उपलब्धियों से ज्यादा उसकी माली हालत और प्राथमिकताओं पर तंज का कारण बनती नजर आ रही है।
मंडी में प्रदेश सरकार की रैली खत्म हुए भले ही महीने से ज्यादा का समय बीत गया हो, लेकिन हिमाचल पथ परिवहन निगम यानी HRTC ने सरकार को उसकी याद दिलाते हुए करीब दो करोड़ रुपये का बिल थमा दिया है। यह बिल उन 496 स्पेशल बसों का है, जिन्हें प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर आयोजित रैली में लोगों को लाने-ले जाने के लिए चलाया गया था।
पड्डल मैदान में हुई इस रैली में करीब 20 हजार से ज्यादा लोग जुटे थे। सरकार की उपलब्धियां गिनाने के लिए प्रदेशभर से लाभार्थियों को मंडी पहुंचाया गया, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार पहले से ही आर्थिक तंगी का रोना रो रही है, तो ऐसे मेगा इवेंट पर करोड़ों रुपये का खर्च कितना जरूरी था?
HRTC मंडी मंडल की ओर से भेजे गए बिल में बसों का किराया सीट, किलोमीटर और बस की श्रेणी के हिसाब से जोड़ा गया है। इसमें छोटी और बड़ी दोनों तरह की बसें शामिल रहीं, साथ ही चालक और परिचालकों की ड्यूटी का खर्च भी जोड़ा गया है। अब यह बिल अदायगी के लिए उपायुक्त मंडी को सौंप दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक मंडी, कुल्लू और लाहुल-स्पीति जिलों से सबसे ज्यादा बसें भेजी गईं। सुंदरनगर, पद्धर, मंडी सदर, नाचन, करसोग और कुल्लू से दर्जनों बसों के जरिए लोगों को रैली स्थल तक पहुंचाया गया। साफ है कि जनसंकल्प रैली को “जनसमर्थन” दिखाने के लिए परिवहन निगम की पूरी ताकत झोंक दी गई।
मंडी मंडल के मंडलीय प्रबंधक उत्तम चंद ने पुष्टि करते हुए बताया कि रैली के बाद करीब दो करोड़ रुपये का बिल जिला प्रशासन को सौंपा गया है। बहरहाल, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिस सरकार के मंत्री आए दिन खाली खजाने का हवाला देते नहीं थकते, वह इस बिल का भुगतान किस मद से और कितनी जल्दी करती है।