#अपराध
February 12, 2026
हिमाचल में किसने रची ये साजिश? पानी के टैंक में मिलाया जह*र, 200 लोगों पर मंडराया काल
पूरे गांव में मचा हड़कंर, पानी पीने से डरे लोग
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रोहड़ू उपमंडल में किसी अज्ञात व्यक्ति ने गांव की पेयजल आपूर्ति टैंक में जहरीला कीटनाशक मिला दिया।
इस मामले में उजागर होने के बाद क्षेत्र के लोगों में सनसनी फैल गई है। इस खुलासे के बाद गांव में हड़कंप मच हुआ है। लोग दहशत में आ गए है कि आखिर किसने और क्यों इतनी बड़ी साजिश रची।
घटना टिक्कर तहसील के बरेष्टू गांव की है। गांव निवासी आदर्श शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 फरवरी की दोपहर वह घर पर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान जब उन्होंने पीने के लिए पानी लिया तो उसमें से दवा जैसी तेज और अजीब गंध महसूस हुई।
शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद पाइपलाइन में कोई तकनीकी समस्या हो, लेकिन गंध असामान्य और तीखी थी। आदर्श शर्मा ने बिना देर किए आसपास के पड़ोसियों को सतर्क किया और सभी को फिलहाल पानी पीने से मना कर दिया। गांव के अन्य लोगों ने भी पानी की गंध महसूस की, जिसके बाद मामला गंभीर होता चला गया।
ग्रामीणों की सूचना पर जल शक्ति विभाग को अवगत कराया गया। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर टैंक और सप्लाई लाइन से पानी के सैंपल लिए और जांच के लिए भेजे। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि पानी में कीटनाशक की मिलावट पाई गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पानी में सेब के बगीचों में उपयोग होने वाला कीटनाशक “डर्मिट” मिलाया गया था। यह रसायन फसलों को कीटों से बचाने के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। अगर यह दूषित पानी लोग पी लेते, तो उल्टी, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती थीं। अधिक मात्रा में सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता था।
गांव के लगभग 30 घरों को इसी टैंक से पेयजल आपूर्ति की जाती है। अनुमान है कि करीब 200 लोग इस पानी पर निर्भर हैं। ऐसे में यह केवल शरारत नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से लोगों की जान जोखिम में डालने जैसा गंभीर अपराध है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच के तहत यह पता लगाया जा रहा है कि टैंक तक किसकी पहुंच थी और किसने जानबूझकर इस तरह की हरकत की। आसपास के इलाकों में लगे CCTV की फुटेज खंगाली जा रही है और ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मामला आपसी रंजिश, निजी दुश्मनी या किसी अन्य साजिश से जुड़ा है या नहीं।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। फिलहाल उस टैंक की आपूर्ति बंद कर दी गई है और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषी को जल्द पकड़ लिया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी।