#अपराध
November 14, 2025
हिमाचल में बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग की सप्लाई करने पहुंचे थे दो पंजाबी युवक, नाके पर धरे
दो पंजाबी युवकों के पास मिली एमडीएमए और चरस की खेप
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे का जाल लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में नशे के जाल को बढ़ाने में काफी हद तक पड़ोसी राज्य पंजाब के नशा तस्करों का हाथ है। आए दिन पंजाब के नशा तस्कर हिमाचल में बड़ी खेप के साथ पकड़े जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब हिमाचल के बिलासपुर जिला में टोल प्लाजा पर लगाए गए नाके पर पंजाब के दो युवकों से पुलिस ने दो तरह का नशा बरामद किया है। जिसमें एक नशा बेहद ही खतरनाक है।
मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिला पुलिस को घुमारवीं क्षेत्र में एक बड़ी महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बलोह टोल प्लाजा पर की गई नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने पंजाब से आ रही एक टैक्सी से एमडीएमए (एक्स्टसी) जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग और चरस की खेप बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उन बढ़ते मामलों पर प्रहार मानी जा रही है, जिनमें पंजाब के नशा तस्कर हिमाचल के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
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पुलिस के मुताबिक बलोह टोल प्लाजा पर नियमित जांच के लिए लगाए गए नाके के दौरान पंजाब नंबर की एक स्विफ्ट डिज़ायर टैक्सी (PB 01F-9783) को संदिग्ध देख रोक लिया गया। वाहन की तलाशी लेने पर कार से 20.6 ग्राम एमडीएमए क्रिस्टल ड्रग और 225 ग्राम चरस बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन नशीले पदार्थों की कीमत लाखों में आंकी जा रही है। पुलिस ने तुरंत दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार युवकों की पहचान असीम (19) पुत्र राकेश और शिवम नरूला (19) पुत्र संदीप, दोनों निवासी मुक्तसर, पंजाब के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिल रहे हैं कि ये दोनों आरोपी पंजाब से नशा लाकर हिमाचल में सप्लाई करने की तैयारी में थे।
पिछले कुछ समय में हिमाचल के कई जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें पंजाब के गिरोह छोटे-छोटे तस्करों के जरिए नशा पहाड़ों तक पहुंचा रहे हैं। यह नेटवर्क धीरे-धीरे युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, जिससे प्रदेश के लिए एक बड़ी सामाजिक और कानून व्यवस्था की चुनौती पैदा हो रही है।
डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम ने चौकसी और तत्परता के चलते यह बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स कहां से लाई गई और हिमाचल में किसे सप्लाई की जानी थी।
एमडीएमए जिसे आमतौर पर एक्स्टसी या मॉली कहा जाता है, एक शक्तिशाली सिंथेटिक साइकोएक्टिव ड्रग है। यह दिमाग पर तेज़ी से असर डालता है और व्यक्ति को अत्यधिक उत्साह, भ्रम और ऊर्जा का झूठा अहसास देता है। लगातार सेवन से हृदय, दिमाग और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर और स्थायी नुकसान होता है। देशभर में यह ड्रग रेव पार्टियों और युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा हैए जो चिंता का विषय है।