#अपराध

September 17, 2025

हिमाचल: घर से दिहाड़ी पर निकला था शख्स, गांव के पुराने कुएं में मिली देह, पसरा मातम

देर शाम तक नहीं लौटा घर, तलाश के दौरान कुएं में मिली देह

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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां गांव के कुएं में एक व्यक्ति की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। मामला कांगड़ा जिला के ज्वाली उपमंडल की कोठीबंडा पंचायत का है। बताया जा रहा है कि  देर शाम एक अधेड़ व्यक्ति का शव गांव के पुराने कुएं से बरामद हुआ। मृतक की पहचान स्वारका गांव निवासी 51 वर्षीय सतपाल पुत्र रणीया राम के रूप में हुई है।

कुंए में मिला शख्स का शव

स्थानीय सूत्रों के अनुसार सतपाल प्रतिदिन की तरह दोपहर का भोजन करने के बाद दिहाड़ी के लिए घर से निकले थे। लेकिन जब देर शाम तक वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद गांव के समीप स्थित एक पुराने कुएं में उनका शव संदिग्ध अवस्था में मिला। घटना की जानकारी पंचायत प्रधान मनप्रीत कौर को दी गई, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए कोटला पुलिस चौकी को सूचित किया।

 

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पुलिस ने कब्जे में लिया शव

सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकालकर कब्जे में लिया। ज्वाली थाना प्रभारी प्रीतम जरियाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नूरपुर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो पाएगी।

 

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स्थानीय लोगों ने जताई आशंका

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता और शोक की लहर है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि यह महज दुर्घटना नहीं बल्कि इसके पीछे कोई गहरा कारण हो सकता है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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बढ़ती असामयिक मौतें बनीं चिंता का विषय

यह घटना राज्य में हाल ही में घट रही असामयिक और रहस्यमयी मौतों की लंबी कड़ी में एक और दुखद कड़ी जोड़ती है। पिछले कुछ महीनों में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से सड़क हादसों, नशे, आत्महत्या और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की कई घटनाएं सामने आई हैं। 

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राज्य सरकार और प्रशासन के लिए यह समय चेतावनी का है कि इन घटनाओं को मात्र 'दुर्घटना' मानकर छोड़ना अब काफी नहीं है। जरूरत है एक व्यापक नीति की, जो न केवल सामाजिक जागरूकता लाए बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति, और ग्रामीण सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करे।

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