#अपराध
January 27, 2026
हिमाचल: लोकल लड़की संग नशा बेचता था पंजाबी युवक- होटल से करते थे सप्लाई, पुलिस ने चिट्टे संग धरे
भुंतर में STF की कार्रवाई, पंजाब का युवक और कुल्लू की युवती गिरफ्तार
शेयर करें:

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में नशे का जाल लगातार गहराता जा रहा है। शांत पहचाने जाने वाले पर्यटन स्थलों तक अब ड्रग नेटवर्क अपनी पैठ बना चुका है। होटल, होम-स्टे और निजी ठिकाने धीरे-धीरे तस्करों के सुरक्षित अड्डों में बदलते जा रहे हैं। इसी बढ़ते खतरे के बीच कुल्लू जिले के भुंतर क्षेत्र से एक बड़ा खुलासा सामने आया है।
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भुंतर के एक निजी होटल में दबिश देकर नशा तस्करी के एक सक्रिय ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक युवक और एक युवती को भारी मात्रा में चिट्टे और नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों होटल के एक कमरे में रहकर नशे के काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
STF कुल्लू को पुख्ता जानकारी मिली थी कि होटल के एक कमरे का इस्तेमाल ड्रग स्टोरेज और सप्लाई बेस के तौर पर किया जा रहा है। टीम इंचार्ज हेड कांस्टेबल राजेश राऊपा के नेतृत्व में पुलिस दल ने होटल में दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 18.80 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और एक लाख दो हजार छह सौ रुपये नकद बरामद किए, जिन्हें ड्रग मनी माना जा रहा है।
गिरफ्तार युवक की पहचान 23 वर्षीय विकास दीप सिंह के रूप में हुई है, जो अमृतसर (पंजाब) के मजीठा रोड क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। वहीं युवती की पहचान 21 वर्षीय पूनम के रूप में हुई है, जो जिला कुल्लू के बंदरोल गांव की रहने वाली है। दोनों काफी समय से होटल में रह रहे थे और पुलिस को शक है कि वे बाहर से नशा मंगवाकर स्थानीय स्तर पर सप्लाई कर रहे थे।
एसटीएफ के डीएसपी हेमराज वर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना भुंतर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि नशे की खेप कहां से लाई गई, किन लोगों को सप्लाई की जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन से चेहरे काम कर रहे हैं।
इस कार्रवाई के बाद पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि नशा तस्कर जानबूझकर ऐसे इलाकों को अपना ठिकाना बना रहे हैं, जहां बाहरी आवाजाही ज्यादा होती है और पहचान छुपाना आसान रहता है।