#अपराध
September 26, 2025
हिमाचल में नशा तस्करी कर रहे थे हरियाणा के पति-पत्नी, चरस की खेप के साथ धरे
पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान कार सवार पति पत्नी से पकड़ी चरस
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार सुबह कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर अमरसिंहपुरा के पास घुमारवीं पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार से 250 ग्राम चरस बरामद की। यह कार मंडी की ओर से आ रही थी और पुलिस को शक होने पर रोककर जांच की गई।
तलाशी के दौरान वाहन से नशीला पदार्थ मिलने पर उसमें सवार दंपत्ति को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान पुनीत पुरी (39) और करिश्मा पुरी, निवासी सोनीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी बिलासपुर मदन धीमान ने इसकी पुष्टि की है और बताया कि मामले में आगे की जांच की जा रही है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की घटनाएं नशा माफिया के बदलते तौर-तरीकों को उजागर करती हैं। इसके लिए न केवल सख्त कानून की जरूरत हैए बल्कि समाज को भी मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी।
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यह मामला केवल नशा तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में एक और गंभीर सवाल खड़ा करता है। नशे के कारोबार में महिलाओं की भागीदारी। जहां एक ओर महिलाएं परिवार और समाज की रीढ़ मानी जाती हैं, वहीं दूसरी ओर उनका नशे की आपूर्ति चेन का हिस्सा बनना बेहद चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के अवैध कारोबार में महिलाओं की संलिप्तता कई बार पुलिस से कम शक होने की वजह से होती है, लेकिन इस प्रवृत्ति का असर समाज और आने वाली पीढ़ियों पर गहरा पड़ता है।
नशे की गिरफ्त में महिलाओं का आना इस बात का संकेत है कि अब यह समस्या केवल युवाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे परिवार को जकड़ने लगी है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो यह समाज और संस्कृति दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।