#अपराध

January 5, 2026

हिमाचल: महिला के एक झूठ ने HRTC कंडक्टर को बना दिया दोषी, बच्चे ने उगल दी सच्चाई

बस में महिला ने बताई बच्चे की गलत उम्र, निरीक्षण दल की जांच में हुआ खुलासा

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HRTC Conductor

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में एक महिला का झूठ हिमाचल पथ परिवहन निगम ;एचआरटीसीद्ध के एक कंडक्टर पर भारी पड़ गया। महिला के इस झूठ ने ना सिर्फ हिमाचल पथ परिवहन निगम के कंडक्टर को दोषी बना दिया, बल्कि उसे जुर्माना भी चुकाना पड़ा। मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला से सामने आया है। जब बस में यात्रा के दौरान महिला ने अपने बच्चे का टिकट यह कह कर नहीं कटवाया, कि अभी इसकी उम्र पांच साल से कम है। 

महिला ने बच्चे की बताई कम उम्र

दरअसल एचआरटीसी बस में सफर कर रही महिला ने अपने बच्चे का टिकट नहीं कटवाया। महिला का कहना था कि उसके बच्चे की उम्र अभी पांच साल से कम है। ऐसे में कंडक्टर ने बच्चे का टिकट नहीं काटा, लेकिन जब रास्ते में निरीक्षण दल ने बस में जांच की तो बच्चे ने सच्चाई उगल दी और कहा कि उसकी उम्र छह साल है।  महिला के कथन पर भरोसा करना कंडक्टर की गलती साबित हुई और नियमों की मार सीधे उस पर पड़ी।

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हमीरपुर डिपो की थी बस

मामला हमीरपुर डिपो के अंतर्गत चल रही जंगलबैरी-शिमला रूट की बस का है। सोमवार सुबह भोरंज क्षेत्र के डूंगरी के पास बस में एक महिला अपने दो बच्चों के साथ सवार हुई। महिला ने घुमारवीं तक के लिए यात्रा करनी थी। उसने परिचालक को बताया कि उसके दो बच्चों में से एक की उम्र पांच वर्ष से कम है, इसलिए कंडक्टर ने नियमानुसार उस बच्चे का टिकट नहीं काटा।

जांच में खुला महिला के झूठ का राज

बस आगे बढ़ी ही थी कि मार्ग में एचआरटीसी के नियमित निरीक्षण दल ने बस को जांच के लिए रोका। टिकटों की जांच के दौरान जब निरीक्षण दल ने बिना टिकट यात्रा कर रहे बच्चे से उसकी उम्र पूछी, तो बच्चे ने खुद अपनी उम्र छह वर्ष बता दी। यही जवाब कंडक्टर के लिए मुसीबत बन गया। निरीक्षण दल ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए सीधे तौर पर परिचालक को दोषी ठहरा दिया। मौके पर ही कंडक्टर पर जुर्माना लगाया गया और उसे कड़ी चेतावनी भी दी गई।

 

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महिला के झूठ की सजा कंडक्टर को

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला की गलत जानकारी ने कंडक्टर को दोषी बना दिया। महिला के झूठे बयान के आधार पर टिकट न काटना परिचालक की जिम्मेदारी में लापरवाही मान ली गई। जबकि कंडक्टर ने महिला के कथन पर भरोसा कर नियमों का पालन करने का ही प्रयास किया था। 

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निगम को राजस्व नुकसान का तर्क

निरीक्षण दल ने स्पष्ट किया कि बच्चों की उम्र की सही जांच करना परिचालक की जिम्मेदारी होती है। किसी भी प्रकार की चूक से निगम को राजस्व नुकसान होता है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर कार्रवाई की गई। वहीं, एचआरटीसी हमीरपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि निरीक्षण दल की ओर से अभी लिखित रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

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सिस्टम में भरोसे की परीक्षा

यह मामला एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है? जब परिचालक यात्रियों की बात पर भरोसा करता है, तो क्या हर स्थिति में सजा उसी को मिलनी चाहिए? महिला के एक झूठ ने जहां कंडक्टर को आर्थिक दंड दिला दिया, वहीं यह घटना यात्रियों और निगम के बीच भरोसे की प्रणाली पर भी सोचने को मजबूर करती है।

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