#अपराध
September 30, 2025
हिमाचल: वेतन से नहीं हुआ GST इंस्पेक्टर का गुजारा, 1.25 लाख मांग ली रिश्वत; रंगे हाथ धरा
विजिलेंस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा जीएसटी इंस्पेक्टर
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से एक रिश्वत का मामला सामने आया है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीजीबी) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। ऊना जीएसटी कार्यालय में तैनात इंस्पेक्टर अंशुल धीमान को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी इंस्पेक्टर मूल रूप से पालमपुर उपमंडल के डाढ गांव का निवासी है।
जानकारी के अनुसार आरोपी निरीक्षक ने एक शिकायतकर्ता से कुल 1.25 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस थाना ऊना में की थी। शिकायत मिलने के बाद डीएसपी विजिलेंस फिरोज खान की अगुवाई में टीम ने पहले शिकायत की पुष्टि की और फिर आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया।
इस सौदे की पहली किश्त के रूप में 50,000 रुपये आज देने की बात तय हुई थी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम कार्यालय में आरोपी को सौंपी, मौके पर पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
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सतर्कता ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी खंगाला जाएगा कि कहीं इसके तार विभाग के अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों से तो नहीं जुड़े हैं। प्रदेश में इस तरह की कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जीएसटी दरों में संशोधन किया गया है। इसके चलते कई वस्तुओं के दामों में गिरावट आई है, लेकिन शिकायतें मिल रही थीं कि दुकानदार अब भी पुराने प्रिंट रेट पर ही सामान बेच रहे हैं। ऐसे मामलों की जांच के लिए जीएसटी विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
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इसी दौरान रिश्वतखोरी का यह गंभीर मामला सामने आया है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारिक वर्ग का कहना है कि एक ओर सरकार पारदर्शिता और उपभोक्ताओं को राहत देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय कर्मचारी अपनी जेबें भरने में जुटे हुए हैं।