#अपराध
July 12, 2026
हिमाचल : घर की तलाशी को लेकर हुआ विवाद, शराब ठेकेदार के कर्मी पर चली गो.लियां
गंभीर हालत में टांडा मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
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ऊना। हिमाचल प्रदेश में फायरिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जिला ऊना के गगरेट क्षेत्र से सामने आया है, जहां शराब ठेकेदार के कर्मचारियों और एक स्थानीय व्यक्ति के बीच हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि कहासुनी के दौरान स्थानीय व्यक्ति ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से शराब ठेकेदार के एक कर्मचारी पर फायरिंग कर दी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 6:50 बजे दौलतपुर के शराब ठेकेदार के कुछ कर्मचारी डंगोह खुर्द गांव निवासी मोहिंदर सिंह उर्फ कोको के घर पहुंचे। कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें शक था कि मोहिंदर सिंह अवैध शराब बेचने का काम करता है। इसी संदेह के चलते वे उसके घर की तलाशी लेने पहुंचे थे।
घर की तलाशी को लेकर मोहिंदर सिंह और शराब ठेकेदार के कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन स्थिति शांत होने की बजाय और बिगड़ती चली गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान मोहिंदर सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायर कर दिया। गोली भद्रकाली निवासी 50 वर्षीय धर्मेंद्र की टांग में लगी। गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल को तुरंत इलाज के लिए दौलतपुर चौक अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए कांगड़ा जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही गगरेट थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। साथ ही दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शराब ठेकेदार के कर्मचारी किस अधिकार के तहत घर की तलाशी लेने पहुंचे थे और विवाद की असली वजह क्या थी।
ऊना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सचिन हीरेमठ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना में शामिल सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गोली चलने की इस घटना के बाद डंगोह खुर्द और आसपास के क्षेत्रों में लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोग पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
फायरिंग की घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी गगरेट अनिल पटियाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद ऊना के एसपी सचिन हिरेमठ ने भी मौके का दौरा कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष और गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।
इस घटना के बाद एक बार फिर ऊना जिले के पंजाब सीमा से सटे इलाकों में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गगरेट विधानसभा क्षेत्र के कई गांव पंजाब सीमा से लगे हुए हैं, जहां कई कच्चे और संपर्क मार्ग हैं। उनका कहना है कि इन रास्तों का इस्तेमाल असामाजिक तत्वों द्वारा किए जाने की आशंका बनी रहती है, जिससे अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि इसके बावजूद यह धंधा पूरी तरह बंद नहीं हो पाया है। उनका मानना है कि कई बार इसी अवैध कारोबार को लेकर विवाद पैदा होते हैं, जो बाद में हिंसक घटनाओं का रूप ले लेते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय में जिले में फायरिंग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। उनका मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त रूप से और अधिक प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील संपर्क मार्गों पर कड़ी निगरानी रखने और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।