#अपराध
June 29, 2025
हिमाचल: पानी के टैंक में मिली व्यक्ति की देह, जल शक्ति विभाग में था तैनात; पसरा मातम
परिजनों को बेसहारा छोड़ गया जल शक्ति विभाग का कर्मचारी
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में आए दिन लोगों की संदिग्ध मौतें हो रही हैं। प्रदेश में बढ़ती इस तरह की घटनाओं ने हर किसी को चिंता में डाल दिया है। ऐसा ही एक मामला शिमला जिला के रामपुर से रिपोर्ट किया गया है। जिसमें पानी के टैंक में एक व्यक्ति का शव मिला है। मृतक जल शक्ति विभाग में तैनात था और स्थानीय जल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ा हुआ था। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला शिमला की रामपुर तहसील के अंतर्गत धमनी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पानी के टैंक में एक व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। मृतक व्यक्ति की पहचान 48 वर्षीय हीरालाल पुत्र जियालाल निवासी गांव पनोली डाकघर डन्सा तहसील रामपुर के रूप में हुई है। वह जल शक्ति विभाग में कार्यरत था। व्यक्ति की मौत से उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: कमरे में इस हाल में मिली कॉलेज छात्रा, परिजनों की डांट से थी नाराज
बताया जा रहा है कि शनिवार दोपहर को स्थानीय ग्रामीणों ने टैंक में शव को देखा और इसकी सूचना तुरंत थाना रामपुर को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण करने के बाद शव को पानी के टैंक से बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हीरालाल नियमित रूप से पानी के टैंक की देखरेख किया करता था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी तकनीकी कार्य या निरीक्षण के दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह टैंक में गिर गया। हालांकि अभी मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: क्षत-विक्षत हालत में मनूणी खड्ड ने उगली एक और देह, बेटी को देख परिवार हुआ सन्न
पुलिस ने मौके पर पंचनामा भरने के साथ प्रत्यक्षदर्शियों और सहकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। थाना रामपुर द्वारा भारतीय न्याया संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल रामपुर भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों का विस्तृत रूप से पता चल सके।
थाना प्रभारी रामपुर ने बताया कि फिलहाल मामले में कोई आपराधिक एंगल सामने नहीं आया है, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से घटना की उच्च स्तरीय जांच और जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं इस घटना के बाद से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। जल शक्ति विभाग के कर्मचारी भी इस दुखद हादसे से स्तब्ध हैं।