#अपराध
August 29, 2026
हिमाचल में पकड़ा था 1.120 KG चिट्टा, मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश; 4 तस्कर धरे
NH-705 के किनारे छिपाकर रखते थे चिट्टे की खेप
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शिमला। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों की जांच करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ उनके मोबाइल, पैसों के लेन-देन और दूसरे लोगों से संपर्क की भी जांच की। इसी के आधार पर पुलिस नेटवर्क से जुड़े मुख्य लोगों तक पहुंची।
शिमला पुलिस के स्पेशल सेल ने शोघी के पास विजय कुमार को 1.120 किलो हाई ग्रेड हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में विजय ने पुलिस को बताया कि यह खेप उसे पंजाब के रहने वाले शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए सप्लाई करने वाले दूसरे लोगों की तलाश शुरू की।
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जांच आगे बढ़ी तो अंबाला निवासी आजाद सिंह का नाम भी सामने आया। पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आजाद फरार हो गया। बताया जा रहा है कि वह विदेश भागने की तैयारी में था और अबूधाबी जाने की फिराक में था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए तकनीकी निगरानी शुरू की तो उसकी लोकेशन अहमदाबाद में मिली।
लोकेशन मिलने के बाद शिमला पुलिस ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया। गुजरात पुलिस की मदद से आजाद सिंह को अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
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पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आपस में बातचीत और संपर्क के लिए Signal App का इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब उनके मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
दूसरे मामले में जुब्बल पुलिस ने चिट्टा सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी सन्नी सिंह को अंबाला से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने पहले रविन्द्र कुमार को 9.57 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से 14.53 ग्राम और चिट्टा बरामद किया गया। इस तरह कुल बरामदगी 24.10 ग्राम हो गई।
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जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी NH-705 के अलग-अलग स्थानों पर चिट्टे की खेप छिपाकर रखते थे। इसके बाद WhatsApp के जरिए एक-दूसरे को उस जगह की लोकेशन भेजी जाती थी। पुलिस के अनुसार सन्नी सिंह के खिलाफ हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में चिट्टा तस्करी के सात मामले पहले से दर्ज हैं।
सदर पुलिस ने एक अन्य मामले में अमृतसर निवासी करण को गिरफ्तार किया है। करण काफी समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान उसके बैंक खातों में हुए पैसों के लेन-देन को भी खंगाला।
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जांच में सामने आया कि सागर ने करण के बैंक खातों में करीब तीन लाख रुपये भेजे थे। इस लेन-देन के आधार पर पुलिस ने करण की भूमिका को भी नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा माना है। पुलिस अब इस मामले में पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
शिमला पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई अब सिर्फ चिट्टा बरामद करने और आरोपियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नशे की सप्लाई कहां से होती है, इसे कौन पहुंचाता है, आरोपी आपस में कैसे संपर्क करते हैं और पैसों का लेन-देन किन लोगों के बीच होता है। पुलिस का लक्ष्य नशा तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर उसे खत्म करना है।