#अपराध
January 25, 2026
हिमाचल में "पुष्पा राज": प्रशासन की नाक के नीचे चंदन की चोरी- DC ऑफिस के पास कटे कई पेड़
पहले भी काटे जा चुके हैं चंदन के पेड़
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में चंदन तस्करी की घटनाएं अब प्रशासन के लिए खुली चुनौती बनती जा रही हैं। जिला मुख्यालय बिलासपुर में उपायुक्त कार्यालय से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर चंदन के तीन पेड़ों की अवैध कटाई ने वन विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिस इलाके में यह वारदात हुई, वहां न सिर्फ सरकारी दफ्तरों की मौजूदगी है, बल्कि रात के समय चौकीदारों की तैनाती भी रहती है, इसके बावजूद तस्कर बेखौफ होकर चंदन के पेड़ काट ले गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपायुक्त कार्यालय की ओर जाने वाले वेटनरी मार्ग के समीप वन विभाग की भूमि पर खड़े चंदन के पेड़ों पर अज्ञात तस्करों ने आरी चला दी।
हैरानी की बात यह रही कि पेड़ कब और किस वक्त काटे गए, इसकी भनक वन विभाग को भी नहीं लगी। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने जब कटे हुए चंदन के पेड़ देखे, तब जाकर मामले की सूचना वन विभाग को दी गई।
घटना स्थल के आसपास पशुपालन विभाग सहित अन्य सरकारी कार्यालय स्थित हैं, जिससे यह सवाल उठना लाजमी है कि इतनी संवेदनशील जगह पर इस तरह की चोरी कैसे हो गई। लोगों का कहना है कि यदि उपायुक्त कार्यालय के इतने पास वन संपदा सुरक्षित नहीं है, तो दूर-दराज के इलाकों में वन सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब बिलासपुर में चंदन तस्करों ने वारदात को अंजाम दिया हो। इससे पहले कंदरौर स्कूल परिसर और बिलासपुर कॉलेज के प्रांगण से भी चंदन के पेड़ काटे जा चुके हैं। उन मामलों में भी जांच और कार्रवाई की बात तो हुई, लेकिन किसी बड़े तस्कर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। नतीजतन, तस्करों के हौसले और बुलंद होते नजर आ रहे हैं।
डीएफओ बिलासपुर राजीव कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। वन विभाग के कर्मचारियों को संबंधित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अब तक चंदन तस्करी पर प्रभावी लगाम न लग पाना प्रशासन और वन विभाग दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इस मामले में सिर्फ जांच नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।