#अपराध
February 11, 2026
हिमाचल : पति को थी निजी बीमारी, पत्नी ने रिश्तेदारों संग पीटा पूरे गांव में ढिंढोरा- थाने पहुंचा मामला
समाज में असुरक्षित महसूस कर रहा पीड़ित
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बिलासपुर। किसी भी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति के लिए शारीरिक पीड़ा से ज्यादा मानसिक तनाव भारी पड़ता है। ऐसे संवेदनशील समय में अगर किसी की निजी स्वास्थ्य जानकारी को सार्वजनिक कर दिया जाए, तो यह न केवल उसकी गरिमा और निजता का उल्लंघन है, बल्कि कानूनन भी अपराध की श्रेणी में आता है। जिला बिलासपुर में ऐसा ही एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के HIV पॉजिटिव होने की जानकारी पूरे गांव में फैला दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला बिलासपुर के भराड़ी थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मामला किसी चोरी या मारपीट का नहीं, बल्कि एक व्यक्ति की निजी बीमारी की जानकारी को सार्वजनिक करने से जुड़ा है।
बता दें कि यहां पर एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। कि वह HIV पॉजिटिव है और उसकी इस बीमारी की जानकारी उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों ने पूरे गांव में फैला दी। पीड़ित का कहना है कि कानून के मुताबिक HIV से जुड़ी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए, लेकिन जानबूझकर उसकी निजी बात को लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया गया।
पीड़ित ने बताया कि जब से गांव में यह बात फैली है, तब से उसका जीना मुश्किल हो गया है। लोग उसे अलग नजर से देखने लगे हैं। कुछ लोग उससे दूरी बना रहे हैं तो कुछ उसके बारे में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
उसका कहना है कि बीमारी से लड़ना एक अलग बात है, लेकिन समाज के तानों और भेदभाव को सहना उससे भी ज्यादा दर्दनाक है। इस वजह से वह भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा है। अब लोग उसे अलग नजर से देखते हैं और वह खुद को बहुत शर्मिंदा और असुरक्षित महसूस कर रहा है।
पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी की बीमारी की बात इधर-उधर फैलाना ठीक नहीं है। किसी की सेहत से जुड़ी जानकारी उसकी निजी बात होती है। उसे सबके सामने बताना गलत है और इसके लिए सजा भी हो सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
SP संदीप धवल ने साफ किया है कि HIV और AIDS एक्ट के तहत किसी भी पीड़ित की पहचान और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को गोपनीय रखना जरूरी है। बिना अनुमति ऐसी जानकारी साझा करना कानून का उल्लंघन है। इस कानून का मकसद यही है कि पीड़ित व्यक्ति को समाज में भेदभाव का सामना न करना पड़े और वह सम्मान के साथ जीवन जी सके।